लाक डाउन से माली समाज को खाने को लाले

वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

कभी ऐसे समय थे कि फूलों की खेती कर लाखों रुपए कमाने वाले किसानों के समक्ष करोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी ने भूखमरी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।जिसके वजह से फूलों की खेती करने वाले किसानों को दो वक्त की रोटी की भी नसीब नहीं हो पा रही है। बताते चलें कि राजापाकर प्रखंड के विभिन्न गांव सरसई,बाकरपुर,नारायणपुर,बेरईफतेहपुर आदि अनेकों गांव में कई किसान फूलों की खेती कर अपने जीविका उपार्जन करते थे।
अपने खेतों से उपजा हुआ फूल पटना ,हाजीपुर ,मुजफ्फरपुर समेत अन्य शहरों में भेजकर अच्छी खासी कमाई करते थे परंतु लॉक डाउन के वजह से उनके फूल खेत में ही सड़ रहे है।जिसके वजह से फूलों की खेती करने वाले किसानों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।इस बावत फूलों की खेती करने वाले किसान सुधीर भगत,राजू भगत, रामकुमार भगत,संजीत भगत, विपिन मालाकार,अनिल भक्ता, अशोक भगत,रामू भगत,व शंकर मालाकार ने संयुक्त रूप से बताया कि हम लोग विगत 15 वर्षों से फूलों की खेती कर अच्छी खासी कमाई करते थे।हम लोग अपने खेतों से फूल शादी-विवाह,मंदिर- धार्मिक स्थल,पर्व-त्यौहार में भेज कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।परंतु वर्तमान परिवेश में केंद्र सरकार द्वारा करोना महामारी जैसी बीमारी के वजह से लगाए गए लॉकडॉन के कारण हम लोगों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।जिसके वजह से हम लोग का फूल तो खेतों में उपज रहे हैं लेकिन कहीं भी उसका निर्यात नहीं हो रहा है।

वैशाली जिले के किसानों व खासकर माली समुदाय ने कहा कि इस मामले पर बिहार सरकार एवं कृषि मंत्री को गंभीरता से लेनी चाहिए ताकि हम लोगों के समक्ष व्याप्त भुखमरी का निदान हो सके।लेकिन करोना वैश्विक महामारी ने उनके समक्ष ग्रहण लगा दी।बावजूद अब तक उन्हें न तो किसी प्रकार कोई सरकार द्वारा मदद मिल रही है और ना ही वैशाली जिला के आला अधिकारी द्वारा उन्हें किसी प्रकार का कोई ध्यान दिया जा रहा है।उनके वजह से खासकर माली समुदाय अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं।मालूम हो कि वैशाली जिले के सभी प्रखंड के सैंकड़ो गाॅव जैसे राजापाकर,सरसई, बाकरपुर ,जंदाहा ,अकबरपुर मलाही ,धरहरा ,जतकौली ,बेनीपुर, बेरई ,लावापुर ,हरिहरपुर ,सहथा, पकड़ी ,लालगंज ,महनार ,बिदुपुर, मथुरा ,पानापुर लंगा ,गोरौल डरूआ ,पातेपुर ,चकमजाहिद, मिर्जानगर ,मुरौवतपुर ,देसरी ,सहदेई आदि सैंकड़ो गांव में किसानों ने बड़े पैमाने पर खासकर माली समाज के लोगों ने जबरदस्त फूलों की खेती कर रखी है।


इस आशा की जानकारी लोक जनशक्ति पार्टी पंचायती राज जिला अध्यक्ष सह माली समाज के युवा नेता अजय मालाकार ने बिहार सरकार के कृषि मंत्री एवं हाजीपुर लोकसभा सांसद पशुपति कुमार पारस जी से आग्रह कर फूल की खेती करने वाले किसानों को अभिलंब उचित मुआवजे की मांग की है। फूल की खेती करने वाले अनेको किसानों ने समूह एवं महाजन से कर्ज लेकर फूल की खेती की है उनके पास बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई। कभी फूलों की सुगंध से देश- दुनिया को सुगंधित करने वाले माली (मालाकार)समुदाय के लोग खुद इन दिनों करोना वायरस के ग्रहण के चपेट में पड़े हुए हैं।यह चिंता का विषय है।