मजदूरों को रोजगार देने की मांग को लेकर एसयूसीआई ने निकाला आक्रोश मार्च

 

महुआ के कन्हौली बाजार में मार्च निकालकर गांधी स्मारक पर पहुंची जहां मजदूरों को काम नहीं मिलने पर 8 हजार रुपए मासिक भत्ता देने की मांग की गई

वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

दूसरे प्रदेश से लौटे बेरोजगार मजदूरों को रोजगार देने अन्यथा उसके एवज में प्रति माह 8 हजार रुपए भत्ता के रूप में देने की मांग को लेकर एसयूसीआई ने सोमवार को आक्रोश रैली निकाली। पार्टी के द्वारा यह आक्रोश रैली महुआ के कन्हौली बाजार में निकाली गई जहां दिहारी मजदूरों मैं भी इस मार्च में शामिल होकर रोजगार की मांगी थी। एसयूसीआई के जिला सचिव ललित कुमार घोष और इंद्रदेव राय के नेतृत्व में आक्रोश मार्च महुआ के कन्हौली गांधी स्मारक से निकलकर पूरे बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान सभी नारे लगा रहे थे। उनका कहना था कि लॉकडाउन के दौरान वे लोग काफी समस्या से गुजरे हैं। इस समय उनके घर में फाकाकसी की स्थिति है। हालत इतनी खराब है कि दो वक्त का भोजन नहीं चल पाता है। बाहर से लौटे मजदूर यहां बेरोजगार हैं।

उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। यहां मजदूरों ने कहा कि उन्हें यही रोजगार मिले ताकि वे अपना और परिवार का जीवन वसर कर सकें। मजदूर रोशन, हिमांशु, परमानंद, शिव शंकर, प्रमोद, अमोद, सुरेंद्र, अभिषेक, राजू आदि ने कहा कि वे लोग काम नहीं मिलने से घर में बेरोजगार हैं। जिसके कारण चूल्हे जब चलना मुश्किल है।

उन्हें रोजगार मिलनी चाहिए। वह सरकार से एक सूत्री मांग कर रहे थे कि उन्हें रोजगार दी जाए अन्यथा परिवार चलाने के लिए 8 हजार मासिक भत्ता के रूप में मिलनी चाहिए। इस आक्रोश मार्च में ढाई सौ मजदूरों ने भाग लिया। यहां उन्होंने फॉर्म भी भड़े और रोजगार की मांग या मासिक भत्ता देने को लेकर बीडियो के द्वारा सरकार से मांग की।