दबंग प्रधानों व सेक्रेटरियों की मिलीभगत से झेलनी पड़ रही है मुसीबतें

रिपोर्ट-अवधेश कुमार

उन्नाव बरसात ने फतेपुर खालसा के सफाई अभियान की पोल खोल दी है। सड़कों पर भरा बरसात का लबालब पानी,उस पर नाली का कीचड़ युक्त गंदा पानी के साथ कुछ लोगों का तो इतना रीति-रिवाज खराब है कि बकरे से लेकर भेस तक की रोड पर ही बांध देते हैं और फिर चलने वाले वाहनों की टक्कर लगने से मुंह मांगी रकम लेते हैं एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
जिला उन्नाव के फतेपुर खालसा में बरसात ने साफ सफाई अभियान की पोल खोल दी है।लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बदबू के कारण घर में रहना मुश्किल हो रहा हैै।
जानकारी हो की मानसून की बारिश किसानों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आयी हैै। परंतु व कर्मचारियों की पोल भी खोल कर रख दी है। क़स्बे के कई मोहल्ले पूरी तरह जलमग्न हो गये। द्वारा जल निकासी के बड़े-बड़े दावे किए गए। प्रशासन ने भी समय-समय पर के अधिकारियों को आदेशित किया। परंतु सारे आदेश और दावे हवा हवाई साबित हुये। न तो जल निकासी की व्यवस्था हो पाई और न ही नालों की सफाई।
कई जगह जहां नालों की सफाई की भी की गई तो वहां पर कूड़ा सड़क पर यूं ही छोड़ दिया गया। जिससे बरसात के दौरान कीचड़ के साथ गंदा पानी सड़क पर ही नहीं लोगों के घरों में घुस रहा है।
मोहल्लें में नाली का गंदा पानी बरसात के पानी के साथ घर के आंगन में हिचकोले मारने लगा।
लोग घर के अंदर कैद होकर रह गए। जिन्हें जरूरी काम से निकलना भी पड़ता है तो वह भी कीचड़ युक्त पानी में से होकर गिरते पड़ते निकल रहे हैं। तमाम मोहल्ले की गलियां जलभराव से लबालब है।
व नालियां भी चोक है। जिस की सफाई केवल और केवल कागजों पर हो गई है।