वाया नदी की जलस्तर यथावत होने से लोगों को नाव बन रहा सहारा

महुआ के चांदसराय, छतवारा, डगरू, मकसूदपुर समेत कई गांवों में लोगों के लिए नाव बन रहा सहारा 

वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

वाया नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। जिससे दूसरे गांवों में भी इसका पानी फैल रहा है। इससे कई गांवों के लोगों के लिए अब नाव सहारा बनता जा रहा है। गुरुवार को महुआ के लोगों ने बताया कि नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। जिससे कई गांव में इसका पानी फैल रहा है। इससे फसलें डूब गई है और लोगों के घरों तक पानी आ जाने से नाव सहारा बना हुआ है। बताया गया कि कई दिनों से बारिश नहीं होने के बावजूद महुआ से होकर गुजरने वाली बाया नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी जारी है। नदी में पानी इस समय खतरे के निशान से काफी ऊपर चल रही है। इससे कई गांव जलमग्न हो चुके हैं। विस्थापित हुए परिवार ऊपरी स्थल पर अपना शरण ले रखे हैं। कुछ लोग तो महुआ बाजार में आवास लेकर रह रहे हैं। सैकड़ों एकड़ भूमि पर लगी फसलें नदी के आगोश में आ गई हैं। महुआ के मकसूदपुर, नीलकंठपुर, डगरू, छतवारा, चांदसराय, गोरीगामा, कढनिया, नगर पंचायत में नदी का पानी कहर बरपा रही है। कुशहर नीलकंठपुर होते हुए अब्दुलपुर चौक पर आने वाली सड़क पानी में डूबी है। जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार अकेला, पूर्व मुखिया उमा शंकर राय, समाजसेवी बंटी मिश्रा, मीरा मिश्रा,सत्येंद्र कुमार, रामनाथ यादव, संजय मिश्र आदि ने बताया कि प्रशासन की कमी के कारण नदी के पानी से यहां के लोग तबाही झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर प्रशासन समय रहते बांध को मरम्मत करवा देता तो इस तरह की नौबत नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना देने के बाद भी प्रशासन द्वारा बांध मरम्मत के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। छतवारा के मुखिया प्रमोद साह, पूर्व प्रमुख अनिल सिंह ने बताया कि नदी के पानी पंचायत में घुस जाने से सैकड़ो एकड़ कर पर लगी सब्जी और धान की फसल पूरी तरह डूबकर बर्बाद हो गई है।