व्यवस्था परिवर्तन के लिए सत्ता परिवर्तन की जरूरत है

जमुई से सुशील के साथ गोपाल पांडे

जमुई-: सुशासन सरकार के तीन लक्षण होते हैं-पारदर्शी, जबावदेही एवं उत्तरदायी सरकार। ये तीनों ही लोकतांत्रिक सरकार के मूलाधार होते हैं। वही सरकार मुख्यतः जनता के लिए कार्य करती हैं तथा उन्हें सामाजिक, आर्थिक एवं सामान्य सेवाएं प्रदान करती है। पर आज देश के सामने अच्छा शासन या गुड गर्वनेंस सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। उक्त बाते जनशक्ति विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बुधवार को शहर के एक निजी होटल में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकर्त्ता सम्मलेन को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने आगे कहा कि देश की विशालता उसकी सामाजिक और धार्मिक विविधता, परंपराएं और विश्व स्तर पर हो रही कोरोना सहित कई घटनाओं का दबाव हमारे समक्ष कई तरह की चुनौतियां प्रस्तुत कर रहा है। लेकिन सूबे की सरकार इससे निपटने में निकम्मा साबित हुई है. इसलिए सूबे बिहार में व्यवस्था परिवर्तन के लिए सत्ता परिवर्तन की जरूरत है. वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह जिला पार्षद प्रवीण कुमार पासवान ने कहा की वर्तमान समय में हम देखते है की विकास के दौड़ में बिहार पिछड़ गया है साथ ही विकास के सभी मानदंडों पर पिछड़ता ही जा रहा है। जिसके लिए वर्तमान और पूर्व की सरकार पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि बिहार विकास को एक नया आयाम देने के लिए एक सशक्त सरकार की स्थापना हो। इसी कड़ी में जनशक्ति विकास पार्टी (डेमोक्रेटिक) की स्थापना बिहार के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर किया गया है। इस आशय के साथ की एक सशक्त सरकार देकर बिहार की तस्वीर और तक़दीर बदली जा सके। पार्टी जमुई की चारों विधानसभा सहित बिहार की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि भारत की दो राष्ट्रीय पार्टियां बिहार में क्षेत्रीय पार्टियों का मात्र पिछलग्गू बन कर रह गई है और यह दोनों पार्टियों द्वारा 30 वर्षों में बिहार के साथ एवं यहां के आवाम के साथ केवल छल किया गया है। 30 वर्षों से बिहार में विकास के क्षेत्रों में निचली पायदान पर है। बिहार यदि टॉप पर है तो शिक्षा में, गरीबी में, बेरोजगारी में, बुनियादी सुविधाओं के अभाव में और यह चारों समस्याएं एक दूसरे से जुड़ी हुई है। आज बिहार की हालत है कि विकास के सभी मापदंडों पर हम निचे से टॉप पर हैं. वादें नहीं, इरादें विकास के इस विज़न के साथ जनशक्ति विकास पार्टी (डे.) चाहती है कि जयप्रकाश, डॉ लोहिया एवं कर्पूरी ठाकुर के सपने जैसा समृद्ध बिहार और गाँधी, अम्बेडकर एवं कलाम साहब के सपने जैसा समृद्ध भारत की परिकल्पना को सरजमी पर उतारने के लिए पार्टी को 15 साल नहीं बल्कि सिर्फ 15 महीनें चाहिए. कार्यक्रम को राष्ट्रीय महासचिव भारती कुमारी सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. जबकि मौके पर नीतू कुमारी, सुशीला कुमारी, चंद्रदेव यादव, मुकेश कुमार, दशरथ कुमार, मनोज कुमार, रिंकू कुमार, संजय पांडेय, अनिल चौरसिया, रूनी सिंह सहित बड़ी संख्या पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

पार्टी की सोच…….

1. भय, भूख और भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए 15 महीने का कॉमन मिनिमम प्रोगाम
2. महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में 50% सीटों पर आरक्षण
3. बिहार बजट में महिला शिक्षा और रोजगार के लिए बिशेष पैकेज
4. सबको अनिवार्य शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार
5. बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए 3000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता
6. सरकारी नौकरियों का परीक्षा फॉर्म बिल्कुल मुफ्त
7. बिहार में कार्यरत जीविका कैडर, कर्मी सहित तमाम तरह के संविदा कर्मियों की सेवाएं स्थायी
8. राइट टू एजुकेशन का शत-प्रतिशत पालन
9. पलायन रोकने के लिए सुबे में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्रीज सहित तमाम तरह के उपाय करना
10. सभी बंद कल कारखानों को चालू करना
11. प्रत्येक प्रवासी को रोजगार के लिए 3 लाख का बिना ब्याज ऋण
12. प्रत्येक जीविका दीदियों को बिना ब्याज 1 लाख का ऋण और तीन साल पुराने सभी तरह के ऋण माफ्
13. निजी कंपनियों को बिहार में इंडस्ट्री लगाने के लिए सहयोगात्मक रवैया और सभी सुविधा मुहैया करवाना
14. बिहार के सभी गांवों में शहरों की तरह सुविधाएं
15. सीमांत किसानों को खरीफ एवं रबी फसलों के लिए अलग-अलग बिना ब्याज ऋण
15. जल, जंगल और जमीन के लिए एक्शन कमेटी का निर्माण
16. महिलाओं के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष एक्शन प्लान
17. कृषि के विकास के लिए क्षेत्र आधारित कृषि रोड मैप
18. 50 की उम्र के उपर सभी किसानों को 2000 रुपया मासिक पेंशन
19. बिहार में पलायन रोकने और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के लिए – हर हाथ को हुनर और हर हुनरमंद को काम के लिए बजट में बिशेष पैकेज
20. मिथला पेंटिंग, मखाना, लीची, आम जैसे चीजों को बढ़ावा देने और उपयुक्त मार्केट के लिए बिशेष सेल का गठन
21. रोजगार सृजन के लिए लघु एवं कुटीर उद्द्योग के लिए सस्ते ब्याज दर पर ऋण ।