उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद चार दिवसीय महापर्व छठ का समापन

रिपोर्ट अक्षय कुमार आनंद

 उग हो सूरज देव भईले अरघ महिला के बेर….. 

 

मैनाटांड़: उग हो सूरज देव भईले अरघ के बेर, दर्शन दी ही ना ए सूरज देव आदि छठ गीतों के साथ शनिवार की सुबह छठ व्रतियों ने उदयाचल सूर्य को अर्घ्य दिया। इसी के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ का समापन हो गया। शुक्रवार के शाम को व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। शुक्रवार के दिन दो बजे से ही छठिया घाट पर लोगों की भीड़ पहुंचने लगी थी। प्रखंड मुख्यालय, इनरवा, पिड़ारी, मर्जदवा, भंगहा, रामपुर,डमरापुर, मैनाटाड़ , पुरैनिया आदि जगहों के छठ घाटों पर व्यवस्था समितियों के द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे। सभी घाटों को पर तोरण द्वार व पंडाल बनाए गए थे। चारों दिशाओं में लगाये गये ध्वनि विस्तारक यंत्र से बज रहे छठ मैया के कर्णप्रिय गानों से लोगों को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। अनेक छठ व्रतियों के घर कोशी भरने की रचना पूरा की गयी। जहां पूजा करने के बाद मां छठी के गाने गाये गये। कई भक्त मनौतीयों के पूरे होने पर दंडवत करते हुए छठ घाट पर पहुंचे। घाट पर हो रहे दीप की रोशनी अलग ही दृश्य पेश कर रही थी। इस महापर्व में खासकर बच्चों ने भरी पूरा आनंद उठाया। भक्तिमय में माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।