नये कृषि कानून के खिलाफ माले ने किया प्रदर्शन

रिपोर्ट अक्षय कुमार आनंद


मैनाटाड़: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शुक्रवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर माले के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके पूर्व माले के कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस से अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे। जहां पर नारेबाजी करने के बाद एक नुक्कड़ सभा का भी आयोजन किया गया। नुक्कड़ सभा में जिला सदस्य सीताराम राम ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की हितैषी नहीं है‌ खाद बीज के दाम आसमान छू रहे हैं और फसल का दाम किसानों के मन मुताबिक नहीं मिल रहा है। कहने को फसल खरीदने के लिए नियम है। लेकिन धरातल पर कागज में ही फसल खरीदे जाते हैं। गन्ना काश्तकारों की और स्थिति दयनीय है ।हम सरकार से मांग करते हैं कि किसानी से खेती किसानी छीन लेने तथा देश में खाद्य असुरक्षा पैदा करने वाले काले कानून को अभिलंब रद्द करें। वही किसान महासभा के जिला महासचिव इंद्रदेव कुशवाहा ने मोदी और नीतीश सरकार को कटघरे में लाते हुए कहा कि सरकार किसानों को पूंजी पतियों के हाथ बेचने का काम कर रही है ।कारपोरेट लूट से देश और किसान दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

जिस कंपनी राज को खत्म कर देश आजाद हुआ था केंद्र सरकार फिर उसी कंपनी राज को वापस ला रही है ।जो हम सभी वामपंथी दल के कार्यकर्ता कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। गन्ना का चार सौ प्रति क्विंटल दाम तय करने तक हम सभी अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से आम अवाम के साथ-साथ गरीबों किसान काफी परेशान हैं। नुक्कड़ सभा के बाद आठ सूत्री मांगों का एक मांग पत्र खंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया ।मौके पर अंचल सचिव अच्छेलाल राम जुलकरनैन रामप्रीत कुशवाहा शेख सफा कुल जोखन रमेश कुशवाहा सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।