रिपोर्टवैशाली जिला के 6 बड़ी खबरें बस एक क्लिक में

वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

गंगा स्नान कर लौटने के दौरान बस से गिरकर युवक की मौत

महुआ। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान कर घर लौटने के दौरान बस से गिरकर एक युवक की मौत हो गई। घटना महुआ हाजीपुर सड़क पर सोमवार की देर शाम बेलकुंडा के पास घटी। मृतक 42 वर्षीय रीतलाल पासवान पातेपुर थाना अंतर्गत भैरोखड़ा निवासी स्व. ब्रह्मदेव पासवान का पुत्र था। मृतक के रिश्तेदार व महुआ प्रखंड के मधौल पंचायत के पूर्व मुखिया राजेंद्र पासवान ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि कि रीरलाल पासवान गांव के लोगों के साथ गंगा स्नान करने के लिए हाजीपुर गया था। इस बीच वह स्नान कर घर लौट रहा था। घर लौटने के दौरान वह बस के छत से नीचे जा गिरा। इस बीच वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि लोगों ने उसे आनन-फानन में महुआ अनुमंडल अस्पताल लाकर भर्ती किया जहां से उसे चिंताजनक स्थिति में पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। बताया गया कि पीएमसीएच जाने के क्रम में गांधी सेतु पर उसकी मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजन शव को लेकर घर को लौट आए। इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों में कोहराम मचा है। बताया गया कि मृतक भाई में अकेला था। उसे दो बेटी और एक पुत्र है।


भीषण जाम में देर रात तक फंसी रही दर्जनों दूल्हे की गाड़ियां और बाराती

महुआ। सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर तेज लग्न में दूल्हा और बारातियों को काफी जिल्लत सहनी पड़ी। महुआ में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नानियों की लौटने वाली भीड़ को लेकर इस कदर जाम हुई की 5 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। इस जाम से निकलना हर किसी को सभी को मुश्किल हो गया। इस जाम में दर्जनो दूल्हे की गाड़ियां फंसी रही। जिससे वधू पक्ष यहां उन्हें पहुंचने में उन्हें सुबह हो गई। इसका कारण हुआ कि शादियां शुभ मुहूर्त के बजाय दूसरे दिन हुई। जाम के कारण दूल्हे और बराती।वधू पक्ष के यहां शाम के बजाय सुबह में पहुंचे और तब जाकर दरवाजा लगा। यहां गांधी स्मारक से जाम शुरू हुई और देखते ही देखते हाजीपुर सड़क के कन्हौली तक पहुंच गई। उधर ताजपुर रोड में छतवारा तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। जाम में गाड़ियां इस कदर फंस गई जिससे निकलना मुश्किल हो गया। जाम में फंसे दूल्हा और बाराती के मोबाइल पर दुल्हन पक्ष की ओर से लगातार फोन आते रहे। उन्हें एक ही जवाब दिया जा रहा था कि वे लोग जाम में फंसे हैं और निकलना मुश्किल है। जाम में फंसने के कारण दूल्हा और बाराती शुभ मुहूर्त निकल जाने के बाद वधू पक्ष के पास पहुंचे। इसको लेकर कई कठिनाइयां उनके सामने आई। दूल्हा और बारातियों को समय से नहीं पहुंचने के कारण वधू पक्ष वाले भी काफी परेशान हुए। जाम लगने के कारण शादी की रस्म अदायगी की शुभ मुहूर्त निकल गई। जाम लगने का सबसे बड़ी कारण यह हुआ कि मंगरू चौक और गांधी चौक के पास गाड़ियों की गुत्थम गुत्थी हो गई। इसके कारण उसे निकलना मुश्किल हो गया। जाम को छुड़ाने के लिए समाजसेवी और पुलिस के जवान लगे थे लेकिन कोई चारा नहीं दिख रहा था। रात 2:00 बजे तक जाम में फंसे दूल्हा और बाराती काफी परेशान दिख रहे थे। पूछने पर कई बारातियों ने बताया कि उन्हें अभी एक सौ किलोमीटर से भी दूर दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी तो किसी को समस्तीपुर, बेगूसराय आदि जाना है। जबकि वह यहां 2:00 बजे रात तक जाम में फंसकर शादी के शुभ मुहूर्त को खो दिए। महुआ के 5 किलोमीटर गोलार्ध में भीषण जाम होने के कारण चालक दूसरे रास्ते से निकलना चाह रहे थे। जबकि सारे रास्ता जाम से कराहती रही और वह चाह कर भी किसी रास्ते से नहीं निकल।श पा रहे थे। इस कारण कई बराती दूसरे दिन वधू पक्ष के यहां पहुंचकर शादी की रस्म अदायगी पूरी की।


साढे 36 हजार बच्चों को दी गई दो बूंद जिंदगी की 

महुआ। महुआ में मंगलवार को पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तीसरे दिन भी बच्चों को दो बूंद जिंदगी की दी गई। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों ने घर पर जाकर 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई। यहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सत्येंद्र प्रसाद तथा स्वास्थ प्रबंधक प्रकाश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 दिन चलने वाले इस अभियान के तीसरे दिन 36,231 बच्चों को खुराक पिलाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान 5 दिनों तक चलेगा। स्वास्थ प्रबंधक प्रकाश कुमार ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए 102 चलंत टीमें बनाई गई है जो घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष के बच्चों को खुराक पिला रहे हैं। वहीं विभिन्न चौक चौराहों पर 19 ट्रांजिट केंद्र खोलकर आने जाने वाले बच्चों को खुराक दी जा रही है। उनकी देखभाल के लिए 35 पर्यवेक्षक प्रतिनियुक्त किए गए हैं जो अभियान की सफलता की देख रेख में लगे हैं। वही 06 सब डिपो बनाकर अभियान की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम दिन रविवार को 12341, सोमवार को 12390 तथा मंगलवार को 11500 बच्चों को पोलियो रोधी दवा दी गई।


एनएच 22 पर सराय थाना क्षेत्र के पटेढ़ा गांव के समीप बोलेरो की ठोकर से वाइक सवार एक पिता, पुत्री, गंभीर रूप से घायल हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार हाजीपुर की तरफ से बोलोरो तेज रफ्तार से आ रहा था। उसी दौरान वाइक सवार पिता, पुत्री, ठोकर मार दिया जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पुत्री अनुप्रिया अपने पिता भगवानपुर थाना क्षेत्र के रसुलपुर तुकी गांव निवासी मानकी पासवान के साथ डीसी काॅलेज हाजीपुर से बीए पार्ट 3 का एडमिट कार्ड लेकर अपने घर जा रहे थे। उसी दौरान बोलोरो ने ठोकर मार दिया। स्थानीय लोगों ने ठोकर मार कर भाग रहे गाड़ी चालक को पकड़ लिया। एंव घटना की सुचना सराय पुलिस को दिया। सुचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंच घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर ले गये। जहां से महिला की गंभीर स्थिति देखते हुए डाक्टर ने पीएम सीएच पटना रेफर कर दिया। लेकिन घायल के स्वंजनो ने बेहतर ईलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में ले गये। उघर पुलिस गाड़ी एंव चालक को अपने कब्जे में ले लिया है। गाड़ी का चालक पूर्वी चंपारण जिले के घौउरा थाना क्षेत्र के घौउरा निवासी प्रदीप कुमार सिन्हा बताया गया है।


दो बाइकों की आपस में टक्कर से बाइक सवार बुरी तरह जख्मी

गोरौल थाना क्षेत्र के गर्दनिया चौक पर एक बाइक ने दूसरे बाइक में जबरदस्त धक्का मार दिया जिससे एक बाइक पर सवार व्यक्ति बुरी तरह जख्मी हो गया । जख्मी व्यक्ति को स्थानीय लोगों ने पीएचसी गोरौल लाया । जहां प्राथमिक उपचार कर उसे हाजीपुर सदर अस्पताल अच्छे इलाज हेतु रेफर कर दिया।

बताया गया है कि जख्मी व्यक्ति थाना क्षेत्र के गोढियां बहादुरपुर गांव निवासी प्रमोद कुमार ठाकुर अपने घर से गोरौल चौक जा रहा था कि जैसे ही एनएच पर चढ़ा वैसे ही एक बाइक ने जबरदस्त धक्का मार दिया जिससे वह बुरी तरह जख्मी होकर वेहोश हो गया । आनन फानन में उसे पीएचसी गोरौल लाया गया । उसके उसे प्राथमिक उपचार कर अच्छे इलाज हेतु हाजीपुर रेफर कर दिया गया।


बेलसर के पैचपैका का रहने वाला सैप जवान ने की खुदखुशी

 

महुआ। बेलसर सहायक थाना क्षेत्र के पैचपैका गांव के रहने वाले एक सैप जवान ने खुद को गोली मार कर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। घटना मंगलवार की सुबह की बतायी गयी है। मिली जानकारी के अनुसार पैचपैका गांव निवासी शिवकुमार ओझा सासाराम के नौहट्टा थाने में सैप जवान के रूप में तैनात थे। मंगलवार की सुबह वह अपने ही बैरक में राइफल से स्वंय को गोली मार कर आत्महत्या कर की। ग्रामीणों ने बताया कि वह अपने इकलौता बेटा के नशेड़ी होने एवं पत्नी की मृत्यु से काफी दुखी एवं मानसिक तनाव में रहते थे। मृतक जवान की पत्नी ने भी कुछ माह पहले आग लगा कर आत्महत्या कर ली थी। सासाराम में सैप जवान के सुसाइड का कारण मानसिक तनाव बताया जा रहा है। दस दिन की लंबी छुट्टी लेकर वह अपने घर बेलसर सहायक थाना क्षेत्र के पचापैक अपने गांव आया था।लेकिन वह सातवें दिन इसी रविवार को ही ड्यूटी पर लौट आया था। सैप जवान का बेटा नशेड़ी बन गया था, जिसके कारण वह काफी तनाव में रहने लगा था। जवान की एक बेटी भी है, जिसकी शादी हो चुकी है। मृतक जवान के घर पर सन्नाटा पसरा है। घटना की सुचना पर बेलसर पुलिस भी घर पर घटना की जानकारी लेने पहुंची थी। वहीं पड़ोसियों को विश्वास नहीं हो रहा है कि शिवकुमार ऐसा भी कदम उठा सकता है। खबर लिखे जाने तक परिजन शव लाने के लिए सासाराम निकल चुके थे।