पर्यावरण संतुलन में गौरैये की भूमिका अहम

नालंदा संवाददाता

नालंदा जिले के हरनौत स्थित प्रख्यात डेंटिस्ट डॉ.रजनीश कुमार के स्थानीय फोर्ड डेंटल हॉस्पिटल परिसर में गौरैया संरक्षण व संवर्द्धन हेतु आज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मगही कवि उमेश प्रसाद उमेश ने किया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी चन्द्र उदय कुमार द्वारा किया गया।

गौरैया के संरक्षण के लिए लोगों ने लिया शपथ

आज विलुप्त होती गौरैये को बचाने के लिए मगही कवि उमेश कुमार उमेश,उत्क्रमित मध्य विद्यालय द्वारिका बिगहा के शिक्षिका पुष्पांजलि कुमारी , निदेशक अमित कुमार ,हरित हरनौत के संयोजक रवि कुमार ,राजीव रंजन ,क्वानकी डो एसोसिएशन ऑफ नालंदा के अध्यक्ष हिमांशु शेखर ,पंकज कुमार ,सहित लोगो ने संरक्षण की शपथ ली।

पर्यवरण संतुलन के लिए गौरैया की भूमिका अहम

लोगों को संबोधित करते हुए अभियान के संचालक राजीव रंजन पाण्डेय ने कहा कि आज हमारी धरती माँ तीव्र बदलाव के दौर से गुजर रही है। जिसके कारण बाढ़,सूखाड़ व कोरोना जैसी महामारी फ़ैलती जा रही है। गौरैया भी हमारे पर्यावरण में अहम भूमिका निभाती है। कभी ये नन्हीं चिड़िया घर का सदस्य हुआ करती थी। लेकिन आधुनिकीकरण के कारण इसका अस्तित्व ख़त्म होने लगा है। दुनियां में 60-80 फ़ीसदी आबादी ख़त्म हो चुकी है। इस अभियान के जरिए गौरैया को बचाने का प्रयास किया जा रहा। हमसब को आगे आना होगा।

जिले के इतर भी जुड़ रहे हैं लोग

समाजसेवी व सद्भावना मंच (भारत) के संस्थापक दीपक कुमार ने कहा कि इस सम्पूर्ण मानवता और पर्यावरण संरक्षण हेतु पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने हेतु गौरैया के अस्तित्व को बचाना जरूरी है। उन्होंने जिले के लाल राजीव रंजन पांडेय के द्वारा गौरैया संरक्षण पर किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उस अभियान से जिले के अलावे बाहर के लोग भी जुड़ रहे हैं। लोगो में गौरैया के प्रति जागरूकता भी आ रही है। गौरैया सर्वेक्षण का भी कार्य किया जा रहा है। उसके उन स्थानों पर घोंसला भी लगाया जाएगा। अभियान की शुरुआत नालंदा से की गई है लेकिन मुंगेर,जमुई,बांकां, नवादा, खगड़िया, भोजपुर, बक्सर के अलावे बिहार के बाहर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड से भी जुड़कर गौरैया संरक्षण का कार्य कर रहे हैं।