महिलाओं की उमरी भीड़ से जगह के पड़ गई कमी

वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

प्रधानमंत्री जननी बाल सुरक्षा अभियान के तहत शनिवार को महुआ पीएचसी में शिविर लगाकर 372 गर्भवतियों की स्वास्थ्य जांच की गई। स्वास्थ्य जांच के लिए महिलाओं की उमड़ी भीड़ के कारण यहां अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। उनकी लंबी तादाद जांच कराने के लिए अस्पताल में होने कारण कई परेशानियां भी आई। हालांकि अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी एक एक की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाएं दी गई।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सत्येंद्र प्रसाद और स्वास्थ्य प्रबंधक प्रकाश कुमार के निर्देशन में शिविर लगाया गया। इस शिविर में सुबह से ही गर्भवतियों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गया। इस बीच जैसे ही डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे, उनकी भीड़ पहले हम को लेकर उमड़ पड़ी। जिसके कारण अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। माहौल को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सजगता दिखाई और विभिन्न जगहों पर जांच के लिए टीम को लगाया। इसके बाद नियमित तरीके से उनकी जांच शुरू की गई। बताया गया कि गर्भवतियों को ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, एचआईवी, कोविड-19, वजन सहित विभिन्न जांच की गई। डॉक्टरों ने बताया कि जांच में गर्भतियों में वजन की कमी के साथ-साथ पौष्टिक आहार नियमित नहीं लेने के कारण उनमें अस्वस्था पाई गई। उन्हें इस अवस्था में पौष्टिक आहार लेने और स्वयं को देखभाल करने की नसीहत दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि गर्भावस्था में विशेष देखभाल जरूरी होता है।

उन्हें पौष्टिक आहार में दूध, अंडा, मांस, मछली, फल और समय समय पर भोजन लेना जरूरी होता है। अस्पताल प्रबंधक द्वारा बताया गया कि हर महीने के प्रथम सप्ताह 09 तारीख को जननी बाल सुरक्षा लाभ योजना के तहत सिविर लगाई जाती है। इस बार भीड़ को देखते हुए अस्पताल परिसर में टेंट, समियाना, कुर्सियां लगाकर गई।