देश का पहला बहाई उपासना गृह का शिलान्यास नालंदा में

राजीव रंजन पाण्डेय(नालंदा)

ईश्वर एक है..! ईश्वर ने धरती पर सभी प्राणियों के साथ मानव मात्र को अपने दूत के रूप में अवतरित किया है। लेकिन, मानव ने निजी स्वार्थ व अहंकार से वसीभूत होकर ईश्वर के कई रूप व नाम दे दिए,जिसके कारण मानव कई जाति,पंथ,संप्रदाय व धर्म में बंट गया। बहाई धर्म का एकमात्र उद्देश्य मानवों के बीच एकता कायम करना है,क्योंकि हमसभी एक हीं ईश्वर के संतान है। ये बातें रविवार को बिहारशरीफ के हरगावां गांव में स्थानीय बहाई उपासना गृह के शिलान्यास के अवसर पर भारत की बहाइयों की राष्ट्रीय सचिव सुश्री नाजनीन रौहानी ने कही।

ईश्वर से होगी वार्तालाप

राष्ट्रिय सभा के प्रतिनिधि डॉ नेशन ओल्याई ने कहा कि इस उपासना गृह में कोई मूर्ति नही होगी। सीधे और शांत मन से ईश्वर से जुड़कर उनसे साक्षत्कार किया जा सकता है। ऐसे उपासना गृहों में स्वयं ईश्वर का वास होता है। यहां कोई भी मानव शांत भाव से ईश्वर से जुड़ सकता है और विश्व कल्याण व शांति पथ प्रदर्शक बन सकता है।

विश्व फलक पर नई पहचान मिला हरगावां को

अपने संबोधन में ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए हरगावां पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि आमोद कुमार यादव ने कहा कि हमारे पंचायत और जिले का गौरव का क्षण है। जिले का एक साधारण सा गांव जिसे आज देश और विश्व स्तर पर नई पहचान मिली है। इससे पर्यटन व स्थानीय लोगों को जीवन में विकास की एक नई धारा बहेगी। इसके सम्पूर्ण विकास में पंचायत की ओर से मेरा पूरा सहयोग मिलता रहेगा।

दो वर्षों में होगा कार्य पूर्ण

प्रोजेक्ट मैंनेजर सौरभ सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जाएगा। अगले दो वर्षों में यह बनकर तैयार हो जाएगा फिर आम के उपासना के लिए खोल दिया जाएगा।

कई सुविधाएं होगी मौजूद

संस्था से जुड़े लोगो और अन्य लोगों के लिए भी भविष्य अस्पताल,स्कूल, अनाथालय, पुस्तकालय के साथ अन्य चीज की भी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

पर्यावरण के अनुकूल होगा उपासना गृह

उपासना गृह के निर्माण में स्थानीय चीजों, स्थानीय संस्कृति व कला, जैवविविधता का पूरा ख़्याल रखा जाएगा। स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर इसका निर्माण किया जाएगा। विशेषकर वृक्षारोपण में स्थानीय पेड़-पौधों की वरीयता दी जाएगी। सतत विकाश के पैटर्न का भी ध्यान रखा जाएगा।

इस अवसर पर डॉ रामसेवक यादव, राहुल कुमार,रजनीश सिंह,यम प्रसाद आचार्य, उत्तम मित्र, शम्भू शरण सहनी, सहायक मंडल सदस्य राजीव कुमार पाण्डेय आदि मौजूद थे।