कृषकों को कृषि कार्य में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दिए गए दिशा निर्देश

शिवहर ब्यूरो अरुण कुमार साह की रिपोर्ट

जिला शिवहर—— जिले के किसान गेहूं कटाई को लेकर काफी चिंतित हैं इसके लिए कृषि विभाग ने कृषकों को कृषि कार्य में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किया है। अधिकाधिक मशीन जैसे रीपर, कंबाइंडर थ्रेशर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। हस्त चलित यंत्र यथा हंसिया के उपयोग के समय दिन में कम से कम तीन बार उपकरण को साबुन पानी से अच्छी तरह धोकर संक्रमण रहित करने का सुझाव दिया गया है।उक्त जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने दी है।

कटनी या दौनी के समय एक व्यक्ति दूसरे से दो मीटर की दूरी बनाकर रहेंगे,प्रत्येक व्यक्ति अलग-अलग कटाई उपकरण का इस्तेमाल करेंगे, शरीर और कपड़े की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखनी होगी, कटनी और दौनी करते समय नाक और मुंह को ढकने के लिए मास्क का उपयोग आवश्यक है।

जिला पदाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि यह निर्देश किसानों को कृषि निदेशक द्वारा दिया गया है।

कोरोना लॉकडाउन के दौरान कृषि की हालत खराब नहीं हो इसलिए गृह मंत्रालय ने किसानों को कई तरह की छूट दी है,केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े कार्यों, मशीनरी, उर्वरक, खाद-बीज की दुकानों, कृषि उपज मंडियों व खरीद-फरोख्त से जुड़ी एजेंसियों को लॉकडाउन से बाहर कर दिया है,यानि अब किसान आराम से खेत पर जा सकेंगे। ट्रैक्टर से जुताई, कंबाइन मशीन से फसल काट सकेंगे। नजदीकी कस्बों से बीज, डीएपी व यूरिया खरीद सकेंगे। अपनी फसल को मंडी पहुंचा सकेंगे। दूसरे शहर या राज्यों से फसल कटाई में काम आने वाली मशीनों को मंगा सकेंगे।

यानि अब लॉक डाउन से कृषि कार्य प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि किसानों से अपील की गई है कि वो उचित सामाजिक दूरी बनाए रखें और कोरोना गाइडलाइन का ध्यान रखें। इस बाबत किसानों के लिए गृह मंत्रालय के नए आदेश कोरोना के कारण देश के किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही थी। किसानों की फसल खेत में खड़ी है और उसे काटने के लिए न तो मजदूर मिल रहे हैं न ही मशीन उपलब्ध हो पा रही है।

मंडियां नहीं खुलने व समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद नहीं होने के कारण किसान अपनी उपज को नहीं बेच पा रहे हैं और आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं। किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने 27 मार्च 2020 को नए आदेश जारी किए हैं, ये आदेश पूरे देश में लागू होंगे। इसके अलावा राज्य सरकारों ने भी किसानों की सुविधा के अनुसार कुछ रियायतें उपलब्ध कराई हैं।

गाइडलाइन की खास बातें

किसान बिना किसी रुकावट के कृषि कार्य करें। मजदूरों को काम करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
फसल कटाई से जुड़ी मशीनें (कंबाइन-रीपर) आदि एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकेंगी।
फसल कटाई और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद में जुटे लोग एक-दूसरे स्थान पर जा सकेंगे।
सभी सरकारी मंडियां, कृषि उत्पादन मंडी समितियां या फिर वे मंडियां जिन्हें राज्य सरकारों ने मान्यता दी हैं, खुलेंगी। खाद-बीज और रासायनिक कीटनाशकों की दुकानें खुल सकेंगी। फार्म मशीनरी, कस्टम हायरिंग सेंटर खुलेंगे।