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आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा नाड़ी चिकित्सा पद्धतिका का जिला पार्षद आनंद कुमार चंद्रवंशी ने किया शुरुआत।

अरवल जिला ब्यूरो संवाददाता विरेन्द्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट


अतौलह बाजार में महज नवज देखकर चिकित्सा पद्धति शिविर का शुभारंभ जिला पार्षद आनंद कुमार चंद्रवंशी ने किया जिला पार्षद ने कहा कि आज के बीमारियों के दौड़ में मरीजों को इलाज से ज्यादा खर्च जांच में लग जाता है, इस चिकित्सा पद्धति गरीबों के लिए वरदान साबित होगा। डॉ कामेश्वर सिंह जो आर्ट ऑफ लिविंग बेंगलुरु से प्रशिक्षित होकर आए हुए हैं,

 जो पुराने से पुराने गंभीर और लाईलाज बीमारियों को केवल हाथ के नवज (नाड़ी) धरकर बीमारी का पता लगाकर आयुर्वेद पद्धति से इलाज किया करेंगे। जिससे बीमारियों की जांच पर होने वाले हजारों रुपए का खर्च गरीबों का बचेगा और भाग दौड़- परेशानी से भी लोग बच जाएंगे। डॉ कामेश्वर सिंह ने कहां की केवल नाड़ी देख कर शरीर में उत्पन बीमारियों का पता लग जाता है। गठिया, वात रोग, दामा, शुगर, ब्लड प्रेशर, पैरालैशिस जैसे अन्य गंभीर बीमारियों का आयुर्वेद में सफल इलाज है।

 साथ ही साथ आज के दौर में करोना जैसे महामारी से बचने के लिए इम्यूनिटी किट भी आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा निर्माण किया गया है। जिसे कोरोना से लड़ने में शरीर पूरी तरह सक्षम हो जाएगा। नाड़ी परीक्षण केंद्र का संचालक चंदन कुमार ने कहा कि मानव सेवा के ख्याल से चिकित्सालय खुला है। इस चिकित्सा पद्धति से भरत यादव, बिंदेश्वर साव, मंजू सिन्हा, भोला जी, उमेश ठाकुर, रामरति देवी, प्रशांत कुमार, सुभाष कुमार, जितेंद्र कुमार सहित करीब 50 लोगों का इलाज हुआ।

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