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अरवल में मनाया गया शहीद चंद्रशेखर आजाद की 117 वीं जयंती


अरवल जिला ब्यूरो संवाददाता वीरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट

शहीद चंद्रशेखर आजाद के तैलचित्र पर एआईडीएसओ के अरवल जिला संयोजक पवन कुमार एआईडीएसओ सदस्य सूरज कुमार एसएस कोचिंग सेंटर के संचालक शमशेर अंसारी सहित उपस्थित तमाम छात्रों ने पुष्प अर्पित किया ।

चर्चा को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ के जिला संयोजक पवन कुमार ने कहा कि आज शहीद चंद्रशेखर आजाद के 117 वीं जयंती मना रहे हैं चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को हुआ।मध्यप्रदेश के जिला अलीराजपुर गांव भावरा में हुआ वे बचपन में नटखट थे उन्होंने 1921 में चल रहे असहयोग आन्दोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया वे पकड़े गए अदालत में उनसे पूछा गया नाम तो उन्होंने बताया आज़ाद फिर उनसे पूछा गया पिता का नाम बताया स्वधीनता पूछा गया कहाँ रहते हों तो जेलखाना उन्हें पंद्रह बेंतो की सजा सुनाई गई थी उसी समय से उनका नाम चंद्रशेखर आजाद हुआ ।

आज़ादी आन्दोलन वापस ले लेने पर वे हताश हुए और आगे चलकर उन्होंने क्रांतिकारी संगठन हिन्दुस्तान रिपब्लिकन आर्मी से जुड़ गए अब वे पहले से भी ज्यादा आजादी आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने लगे उन्होंने संगठन चलाने के लिए काकोरी में ट्रेन लूटे उसी काकोरी केस में उनके कई साथी पकड़े गए। लेकिन मुख्य अभियुक्त चन्द्रशेखर आज़ाद ही थे इनको पकड़ने के लिए अंग्रेज बहुत प्रयास किया लेकिन पकड़े नहीं गए भगत सिंह को फांसी से बचाने के लिए 27 फरवरी 1931 को सुबह पंडित जवाहरलाल नेहरू से मिलने गए मिलने के बाद हताश होकर वे लौटने दरम्यान अल्फ्रेड पार्क में किसी साथी के इंतजार में रुके अचानक अंग्रेजी पुलिस ने उनको चारों तरफ से घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया उन्होंने भी फायरिंग की कई अंग्रेजी पुलिस को धराशायी कर दिए अंत में उनके पास एकमात्र गोली बचा उससे वे अपने आप को गोली मार लिए और वे शहीद हो गए चन्द्रशेखर आज़ाद सिर्फ भारत को आजाद ही नहीं कराना चाहते थे बल्कि वे ऐसा आज़ाद भारत चाहते थे जिसमें शोषण जुल्म अत्याचार न हो। सबको शिक्षा मुफ्त में मिले सबका इलाज मुफ्त में हों। लेकिन आज देखा जा रहा है सरकार शिक्षा विरोधी नीति लाकर शिक्षा को बर्बाद करने पर तुली हुई है शिक्षा को निजीकरण करती जा रही है सरकारी स्कूल कालेजों का स्थिति दयनीय है, बेतहाशा फीस बढ़ाया जा रहा है छात्रों को ज़रुरत है, कि वे शहीद चंद्रशेखर आजाद से सीख लेकर शिक्षा विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ लड़े और शहीद चंद्रशेखर आजाद के विचारों को हर स्कूल कॉलेज में फैलाए ।

चर्चा को संबोधित करते हुए कोचिंग संचालक शमशेर अंसारी ने कहा कि आज छात्र नौजवान शहीद चंद्रशेखर आजाद से सीख ले चन्द्रशेखर आज़ाद बहुत गरीब परिवार में जन्मे उसके बावजूद भी उन्होंने आज़ादी आन्दोलन में संघर्ष करते हुए वे शहीद हो गए।

चर्चा को सम्बोधित सूरज कुमार सहित विभिन्न छात्रों ने किया ।

प्रेषक 

सूरज कुमार 

कुर्था प्रखंड कमेटी सदस्य

 एआईडीएसओ    

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