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बालू लूट में और अधिकारी नपेंगे… इधर CM नीतीश बोले- किसी को नहीं छोड़ेंग


अरवल जिला ब्यूरो संवाददाता वीरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट

बालू से कमाई करने वाले अधिकारियों पर सीएम नीतीश ने करारा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ी होने नहीं देंगे। एक-एक चीज पर नजर रखे हुए हैं. सरकारी तंत्र में गड़बड़ी करने वालों को छोड़ते हैं क्या… कार्रवाई हुई तो कुछ लोगों को पता चला न….। मुख्यमंत्री ने आज ताकतवर समझने वाले उन अधिकारियों को साफ मैसेज दिया कि अगर गड़बड़ किया तो छोड़ेंगे नहीं। सीएम नीतीश ने कहा कि अभी उस पर पूछताछ हो रहा,एक्शन हो रहा,जांच जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि जांच जारी है, पूछताछ में जो भी बातें सामने आयेंगी उस पर एक्शन लिया जाएगा।

सीएम नीतीश ने कहा कि अवैध बालू खनन न हो इसके लिए सरकारी पूरी कोशिश कर रही है। डीएम-एसपी को इस पर नजर रखने को कहा गया है। अवैध बालू खनन के सवाल पर सीएम नीतीश ने कहा कि इसको लेकर पूरी तरह से कार्यवाही की जा रही है.गड़बड़ी करने वालों को डिटेक्ट कर उन पर कार्रवाई की जा रही है.एक बैठक हुई है जिसमें कहा गया है कि गड़बड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। विभाग और पुलिस की तरफ से भी इस मामले की पूरी छानबीन की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बराबर कहते हैं कि कुछ न कुछ गड़बड़ करने वाले लोग गड़बड़ ही करते हैं। इसके समाधान को लेकर काम किया जा रहा है. सरकार का प्रयास है कि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हो. सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ऐसी चीजों पर नजर रख रहे हैं. गड़बड़ी करने वालों को डिटेक्ट कर उन पर कार्रवाई की जा रही है।

बता दें, बालू के अवैध खनन में संलिप्तता के आधार पर भोजपुर और औरंगाबाद के एसपी को हटा दिया गया है। वहीं पालीगंज समेत चार एसडीपीओ,एक एसडीओ को मुख्यालय अटैच किया गया। जबकि दो डीटीओ और तीन एमवीआई पर कार्रवाई की गई है। बालू खनन में मिलीभगत के आरोप में कुल 41 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि कई अधिकारी बच निकलने में कामयाब भी रहे हैं।पटना की बात करें तो पालीगंज एसडीपीओ को हटा दिया गया है। 

वहीं पटना डीटीओ और दो एमवीआई को अवैध बालू के परिवहन में मिलीभगत के आरोप में हटा दिया गया। हालांकि इसमें डीटीओ और एमवीआई तो नप गये लेकिन बीच वाले अफसर एडीटीओ जिनपर अवैध परिवहन में लगी गाड़ियों को जब्त करने या फाइन का जिम्मा था वो बच निकले. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब भी परिवहन-खनन के करीब 10 अधिकारी रडार पर हैं। जांच में सबूत मिले तो उन पर कार्रवाई संभव है। खनन विभाग के मंत्री जनक राम ने भी कहा है कि अभी जांच जारी है कई अधिकारी रडार पर हैं।

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