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सरेंडर करने पहुंची है 15 बंदियों को जेल प्रशासन ने कस्टडी में लेने से किया इनकार


यूपी हापुड़ से विशू अग्रवाल की रिपोर्ट

 पैरोल पर पिछली साल से फरार चल रहे 7 बंदियों को सरगर्मी से  तलाशा जा रहा है। तो सरेंडर करने जेल पहुंचे 15 बंदियों को जेल प्रशासन द्वारा कस्टडी में लेने से इनकार कर दिया गया। जेल प्रशासन ने बदियों से कहा कि वह अभी कुछ दिन और आजाद रहे। यह सुन बंदियों की बांछें खिल गई और खुशी-खुशी लौट गए। जेल प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल पर रिहा बंदियों को राहत देते हुए अभी उन्हें जेल में लेने से इनकार किया है।

 हापुड़ व गाजियाबाद की संयुक्त डासना जेल में 1700 बंदियों की अपेक्षा करीब साढे 4 हजार बंदी बंद है। जेलों को कोराना संक्रमण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट व शासन ने 7 साल से कम सजा वाले बंदियों को पैरोल व अंतरिम जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में डासना जेल से सिद्धदोष बंदियो को 60 दिन की पैरोल तथा विचाराधीन बंदियों को 60 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था। 2 माह की पैरोल में अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होने के बाद बंदियो ने अब जेल लौटना शुरू कर दिया है। 

बीते 4 दिन में विभिन्न अपराधों में शामिल 15 बंदी जेल पहुंचे जिन्हें कस्टडी में लेने से इनकार कर दिया। जेल अधीक्षक के अनुसार 4 दिन में 15 बंदी आत्मसमर्पण करने डासना जेल पहुंचे जेल में लेने से इनकार करने पर तीन बंदी गिड़गिड़ाने लगे उन्होंने कहा कि बाहर तो खाने के लाले पड़े हैं। जेल में कम से कम दो वक्त की रोटी तो समय पर मिल जाती है। परंतु जेल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया गया है।

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