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राष्ट्रीय कवि संगम की अनूठी पहल, श्रीराम काव्य प्रतियोगिता का होगा आयोजन

 जिला स्तर से राष्ट्रीय स्तर पर होंगे प्रतिभागी चयनित



पटना- श्रीराम का जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है तो राष्ट्रीय कवि संगम ने इस साल अपने पूरे कार्यक्रम को प्रभु राम को समर्पित किया है । जो गत रोमनोवमी से अगले साल रामनवमी तक चलेगा । इस बीच कई कार्यक्रम आयोजित होंगे । राष्ट्रीय कवि संगम के केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय को लेकर बिहार प्रान्त के सभी जिले के पदाधिकारी व सदस्यों के साथ गूगल मिट के माध्यम से बैठक हुई । बैठक में राष्ट्रीय कवि संगम के बिहार प्रान्त अध्यक्ष प्रभाकर कुमार राय ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि 15 सितंबर से पहले सभी जिले में श्रीराम काव्यपाठ प्रतियोगिता कर 3 लोगों का चयन करना है । कविता सुरचित नहीं होगी । दूसरे किसी कवि का राम पर केंद्रित कविता सुनाना होगा । ढाई मिनट से 4 मिनट की प्रस्तुति एक प्रतिभागी करेंगे । जिला से 3 का चयन कर प्रान्त स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजना है । प्रान्त से 3 लोगों का चयन कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा । जिसके लिए राशि भी निर्धारित है । 

इस बैठक में लगभग 17 जिला से 80 से अधिक कवि व कवयित्रियों की उपस्थिति रही। बिहार प्रान्त महामंत्री संजीव मुकेश ने स्वागत संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम विश्व का सबसे बड़ा साहित्यिक संगठन है, और इसके द्वारा आयोजन होने वाली प्रतियोगिता भी अद्वितीय व भव्य होने वाली है।

राष्ट्रीय मंत्री सह बिहार प्रभारी दिनेश देवघरिया ने प्रान्तीय कार्यकारणी की प्रसंसा करते हुए राष्ट्रीय कार्यकारणी से जुड़े पदाधिकारियों को सफल प्रतियोगिता होने के लिए आस्वस्त किया।

वही राष्ट्रीय सह महामंत्री महेश शर्मा ने कहा कि बिहार इकाई का परिवार बहुत विशाल है। साथ ही जल्द से जल्द जिला स्तर पर संयोजक नियुक्त करने को भी कहा। साथ ही प्रतियोगिता को लेकर कवियों के सवाल का जवाब भी दिया । महेश शर्मा ने कहा कि बिहार में प्रतियोगिता हिन्दी, मैथली, मगही भाषा मे होगी । किसी भी उम्र के कोई भी प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं । बैठक में प्रतियोगिता के बिहार प्रान्त संयोजक रवि भूषण, सह संयोजक सुधीर सिंह, पटना जिला इकाई अध्यक्ष अंकेश कुमार, रवि नारायण, गया जिला महासचिव कुमार आर्यन, बेगूसराय जिला अध्यक्ष सुंदरम समुद्र, सुपौल जिला अध्यक्ष नलिन जायसवाल समेत अलग अलग जिले के पदाधिकारी व कविगण उपस्थित थे ।

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