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डॉ कलाम के 6ठी पुण्यतिथि पर ख्वाब फाउन्डेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंरराष्ट्रीय वेबीनार संपन्न


रिपोर्ट लिट्टिल गुरु

ख्वाब फाउन्डेशन द्वारा डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु अन्तर्राष्ट्रीय युवाओं का सम्मलेन किया गया जिसमें 15 देश के युवा प्रतिभागियों ने भाग लेकर डॉ कलाम के सपना को पूरा करने का संकल्प लिया। डॉ कलाम की उक्ति थी कि मेरे मरने पर शोक सभा आयोजित न करे बल्कि ज्यादा से ज्यादा काम करे ,मेरे लिए यही वास्तविक श्रद्धांजली होगी। ख्वाब फाउन्डेशन लगातार 6 वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में काम करके समाज और देश को मजबूत करने वाले युवाओं को सम्मानित करते रही है। इसी कड़ी में दो दिवसीय 26-27 जुलाई  कार्यक्रम "कलाम यूथ लीडरशिप कॉन्फ्रेंस-2021" का आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। 


 कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार वी पोनराज ने किया और अपने उद्बोधन में युवाओं को कलाम के विचारों को आत्मसात करने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि आज राजनीति में राजनीतिज्ञ की नहीं बल्कि राज नेता की जरुरत है जो समस्या के समाधान के लिए पॉलिसी तैयार कर सके।

वहीं मुख्य वक्ता के रूप में डॉ कलाम के साथ मिलकर दर्जनों किताबों के लेखक डॉ अरुण तिवारी शामिल रहे। डॉ अरुण तिवारी ने कलाम जी के साथ अग्नि की उड़ान,विजय भव,एपीजे अब्दुल कलाम - एक जीवन आदि पुस्तक लिखे हुए है। इन्होंने ने कॉन्फ्रेंस में भाग लिए युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ कलाम के साथ बिताए अपनी अनुभव को साझा किया।वहीं अतिथि वक्ता के रूप में डॉ कलाम के साथ काम करने वाले के श्री निवासन, जागृति यात्रा के सीईओ आशुतोष कुमार और विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षाविद डॉ अर्चना भटाचार्जी, शुभरो रॉय, दिनेश कुमार, भूटान से कीनले पुब शामिल रहे।


कार्यक्रम के पहले चरण में इशिका श्रीवास्तव ने अपने कथक नृत्य से सबका मन मोह लिया। स्वागत भाषण श्री लंका की इंथिजा करीम तो कार्यक्रम के चेयरमैन मुन्ना कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्य और ख्वाब फाउन्डेशन के क्रियाकलापों से युवाओं को परिचित कराया। 

दूसरे चरण में युवाओं के बीच एक शानदार तकनीकी वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें देश विदेश के युवाओं ने भाग लिया। तकनीकी वार्ता का संचालन विपुल शरण, विवेकानंद प्रसाद , अविनाश कुमार और फवाद गजाली ने किया। सभी ने अपने कार्य मॉडल को प्रस्तुत किया जिसका सभी को सराहना मिला। इस  वहीं दूसरे दिन स्तुति जैन ने कथक नृत्य से आरंभ हुए और डॉ कलाम के सपनों को पूरा करने में लगे विश्व के अलग अलग कोनों से कुल 22 युवाओं को " कलाम यूथ लीडरशिप अवार्ड-2021" से सम्मानित किया गया तो वहीं अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले 4 छोटे बच्चो छोटे बच्चे को "डॉ एपीजे अब्दुल कलाम चिल्ड्रेन अवॉर्ड" से सम्मान दिया गया। 

बांग्लादेश से मासुमा मोरियम, नाईजीरिया से ओटो ऑब्लोंग, पाकिस्तान से जज्बिया शिरीन, यमन से अरवा अहमद, अफगानिस्तान से सलाह कबीर, इराक से अम्मर अल सलमान, भारत से मुकेश हिसारिया, जिगर रावल, डॉ शत्रुंजय शरण, प्रो अभिलाष झा, राजन कुमार ,मयंक मनी प्रसाद,दीक्षा , रीत कुमार रीत,निखिल कुमार रॉय, अजित कुमार, कर्मवीर सिंह, रविन्द्र सिंह, डॉ नयन प्रकाश गांधी, आशीष कुमार, सिकेन शेखर, डॉ हरीश रावत शामिल रहे तो बच्चों में इशिका श्रीवास्तव, स्तुति जैन, ओम सक्सेना और प्रतीक शर्मा शामिल रहे। डॉ हरीश रावत ने अपने हास्य योग से सबको टेंशन फ्री रहने का तकनीकी सिखाया। दोनों दिन कार्यक्रम का संचालन सिकेन शेखर ने किया तो धन्यवाद ज्ञापन संस्था के संस्थापक मुन्ना कुमार ने किया।

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