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समाजसेवी के असामयिक निधन को लेकर शोक सभा आयोजित


रिपोर्ट राजू रंजन दुबे बिक्रमगंज रोहतास बिहार

बिक्रमगंज(रोहतास)। स्थानीय शहर के वार्ड -11 निवासी समाजिक कार्यकर्ता 45 वर्षीय लड़न खां उर्फ नौशाद आलम खां की असामयिक निधन से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गयी है । घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि उनकी कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी । जिनको बेहतर इलाज के लिए पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था । जहां उनकी हृदय गति रुकने से अस्पताल में ही मौत हो गयी । दूसरी तरफ समाजिक कार्यकर्ता लड़न खां की मौत की खबर सुनते ही पूरे बिक्रमगंज शहर के लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी।

 जिनका पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचते ही उनकी एक झलक पाने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी । इस मर्माहत समय कुछ लोगों की आंखे नम थी तो कुछ लोग उनकी समाजिक कार्य की चर्चा जुबां से करते नही थक रहें थे । वही इस घटना के बाद से ही उनकी 90 वर्षीय बुजुर्ग मां फातमा बेगम, पत्नी रेशमा खातून एक ही रट लगाये "" हे अल्ला ये किस जन्म का हम से बदला लिया है तूने--अब हम किसके भरोसे जियेंगे"' कहते हुए बार बार बेहोश हो होकर बेसुध पड़े है । जिनको ढाढ़स दिलाने के लिए उनकी ससुराल आयी बहनें हुमैरा खातून, शायरा खातून, ऐशा खातून, शहनाज खातून भी अपने भाई के निधन से गम में डूब गयी है ।

 जबकि घटना की खबर सुन एसडीएम विजयंत, एसडीपीओ राजकुमार, डेहरी सीआईडी डीएसपी कौशर साहब, पूर्व विधायक अखलाख अहमद, राजद नेता डॉ श्रीनिवास सिंह, नगर परिषद सभापति रबनवाज खां, पूर्व मुखिया भागीरथी सिंह, एंकर फिरोज खां, अयूब खां, मुन्ना राय, जिला पार्षद उमेश यादव, इम्तियाज खां, मुखिया शब्बीर हुसैन , शिक्षक नौसाद खां, इरशाद खां, परवेज खान, असलम खां, नगर परिषद कर्मी मनौवर खा, रामसुहाग सिंह सहित सैकड़ों लोगों ने दुःख ब्यक्त करते हुए बताया कि युवा समाजिक कार्यकर्ता लड़न खां समाज के हर लोगों के कार्य लिए उनके दुःख की घड़ी में साथ रहते थे। जिनके मृत्यु के बाद भी समाज के सभी लोग इस दुःख की घड़ी में भी उनकी परिवार के मदद हेतु आगे भी एकजुट होकर हमेशा दुःख की घड़ी में साथ रहेगा ।

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