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कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा: प्रमोद कुमार


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा एवं राहुल पांडे की रिपोर्ट

 भारत स्काउट गाइड वैशाली के जिला सलाहकार सह प्रखंड साधन सेवी राजापाकर तथा युवा समाजसेवी प्रमोद कुमार सहनी ने कहा की कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है। सबसे ज्यादा अगर प्रभाव पड़ा है तो वह बच्चों की शिक्षा पर परा है।

चाहे वह किसी भी उम्र के बच्चे हो उनके शिक्षण के तौर-तरीके पर जोरदार प्रभाव पड़ा है।प्रमोद कुमार सहनी के द्वारा विभिन्न प्रकार के ई लर्निंग प्लेटफार्म के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन पाठशाला से जोड़ने का प्रयास किया गया है। वे कहते हैं की लगभग 50% बच्चों के पास ही मोबाइल या लैपटॉप है जो ऑनलाइन पाठशाला से जुड़कर अपने पठन-पाठन को जारी रखे हुए हैं।

 उन्होंने कहा बहुत ऐसे अभिभावक हैं जो बहुत ही कठिनाई का सामना कर अपने बच्चों के पठन-पाठन के लिए मोबाइल और लैपटॉप खरीदे हैं। लेकिन लॉक डाउन की स्थिति में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण लगभग 50% अभिभावक अपने बच्चों को लैपटॉप या मोबाइल उपलब्ध नहीं करा सके। बहुत ऐसे लोग हैं जिन्हें नेट पैक रिचार्ज करवाने के लिए भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि 3 साल से 7 साल के बच्चों को ऑनलाइन पाठशाला से जुड़ने में अधिक कठिनाई हुई है।

 प्रमोद कुमार के द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन गतिविधि का आयोजन लगभग 2 वर्षों से सतत रूप से संचालित किया जा रहा है। बच्चों एवं अभिभावकों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए इनके द्वारा मुस्कुराहट कायम रहे अभियान भी चलाया गया जिसकी सराहना शिक्षा विभाग एवं प्रबुद्ध लोगों के द्वारा की गई। इनके द्वारा ऑनलाइन स्टोरी टेलिंग, पेंटिंग्स, डांस, वर्ड कंपटीशन, सामान्य ज्ञान, कविता वाचन, आदि विभिन्न विषयों पर आधारित प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

 बच्चे प्रतियोगिता में रुचि पूर्वक भाग लेते रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को इनके द्वारा प्रोत्साहित भी किया गया है। पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कुरीतियों को दूर भगाने, बाल विवाह, बाल मज़दूरी,बच्चों के यौन शोषण ,गुड टच एवं बैड टच आदि विषयों पर भी ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से बच्चों एवं लोगों को जोड़कर जानकारी दी गई।

इतना ही नहीं प्रमोद कुमार द्वारा बच्चों के घर घर जाकर दीक्षा ऐप, ईलॉट्स, विद्यावाहिनी ऐप एवं विभिन्न प्रकार के ई लर्निंग ऑडियो वीडियो कंटेंट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जानकारी दी गई। जिला सलाहकार प्रमोद कुमार सहनी ने कहा की कोरोना वायरस के कारण शिक्षकों के जीवन में भी काफी बदलाव देखा गया।

 चौक डस्टर की जगह मोबाइल और लैपटॉप शिक्षकों के हाथ में आ गया । बच्चों के भावनात्मक समस्या के समाधान, व्यवहार परिवर्तन, हाइपर एक्टिविटी ,बौद्धिक विकास एवं मनोवैज्ञानिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग भी प्रमोद कुमार के द्वारा संचालित किया गया है। उन्होंने बच्चों एवं समाज के हित के लिए सरकार से विद्यालय खोलने की अपील की है।

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