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छह दिवसीय मत्स्य पालन एवं तालाब प्रबंधन तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत


रोहतास बिक्रमगंज संवाददाता राजू रंजन दुबे की रिपोर्ट

बिक्रमगंज(रोहतास)। कृषि विज्ञान केंद्र बिक्रमगंज रोहतास द्वारा गुरुवार से छह दिवसीय मत्स्य पालन एवं तालाब प्रबंधन तकनीक पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई । यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कौशल प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं हेतू बामेती पटना योजना अंतर्गत कराई जा रही है । कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रभारी वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डाॅ आर के जलज ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को मछली पालन की आधुनिक जानकारी दी जाएगी । सम्मिलित युवक स्वरोजगार हेतु मछली पालन अपनाकर अपनी जीविका चला सकेंगे । एक बीघा के मछली पालन से पंगास  मछली पालन के द्वारा कुल 10 से 12 टन मछली का उत्पादन 7 से 8 माह में किया जा सकता है । 

इससे लगभग 8 से 10 लाख रुपए की कुल आमदनी किसानों को प्राप्त होगी । वहीं कार्प मछली पालन एक बीघा में करने पर 3 टन से 5 टन मछली उत्पादन 1 वर्ष में किया जा सकता है एवं इससे ₹ 5 से 7 लाख रुपये की कुल आमदनी प्राप्त हो सकती है । कार्यक्रम में मौजूद उद्यान वैज्ञानिक डॉ रतन कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण में सूर्यपुरा जीविका समूह के 9 व्यक्ति एवं एक महिला शामिल हुए । कुल 28 लोगों के का चयन इस प्रशिक्षण में किया गया है । इसमें तिलौथू, दावथ, बिक्रमगंज, संझौली, काराकाट एवं नोखा प्रखंड के ग्रामीण युवक शामिल है । 

सभी प्रशिक्षणार्थियों को कृषि विज्ञान केंद्र के शैक्षणिक क्षेत्र में प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी । इटवां ग्राम में अवस्थित मत्स्य तालाब, हैचरी, बायो फ्लॉक यूनिट इत्यादि की जानकारी कृषकों को वहां ले जा कर दी जाएगी । प्रशिक्षण में कृषकों को मत्स्य आहार निर्माण की जानकारी भी दी जाएगी । इस कार्यक्रम में वैज्ञानिक स्नेहा कुमारी, हरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, सुबेश कुमार , अभिषेक कुमार इत्यादि उपस्थित थे ।

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