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योगी सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते पत्रकार उत्पीड़न के ख़िलाफ़ एसपी कार्यालय पर पत्रकारों का जोरदार प्रदर्शन


मंडल प्रभारी समीर खान के साथ जिला संवाददाता शोएब सैयद की रिपोर्ट

पत्रकारों के प्रदर्शन से एसपी स्वाति चौधरी कार्यालय पर गाड़ी छोड़कर पैदल निकली


 राजधानी लखनऊ एक तरफ देश के प्रधानमंत्री से लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ साफ शब्दों में अपने अधिकारियों को सूचित किया था पत्रकारों से मान सम्मान से पेश आएं नहीं तो सख्त सख्त कार्रवाई की जाएगी जिसको लेक पत्रकारों द्वारा एसपी कार्यालय में केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान आजमी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी , राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सत्तार खान, राष्ट्रीय सलाहकार एडवोकेट रज्जन भाई,  राष्ट्रीय उप अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ अंसारी , प्रदेश अध्यक्ष सूरज शुक्ला , जिला अध्यक्ष राकेश कुमार, 

जिला उपाध्यक्ष, अनिल कुमार रावत , जिला मंत्री विश्वनाथ प्रसाद, नगर मंत्री बृज मोहन, वरिष्ठ पत्रकार राजा बाबू , व भारतीय मीडिया फाउंडेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम गुप्ता , प्रदेश महासचिव अरविंद राजपूत , जिलाध्यक्ष लल्लू राम , वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कुलदीप विश्वकर्मा, यूथ विंग जिला अध्यक्ष मनोज कश्यप, तहसील अध्यक्ष सरोजनी नगर सौरभ कुमार जिला चेयरमैन रंजीत सिंह, व अन्य वरिष्ठ पत्रकार की मौजूदगी में निष्पक्ष पत्रकारो  के विरुद्ध की गई कार्रवाई के संबंध में एसीपी महोदय के कार्यालय पर जाकर न्याय की मांग करने के लिए एसीपी महोदय द्वारा  पत्रकारों को 2 दिन का समय दिया गया था कि हम निष्पक्ष जांच कर आप लोगों की मदद करेंगे।

 


लेकिन 2 दिन बीतने के बाद ए सी पी महोदया के कार्यालय पर पत्रकारों द्वारा प्रदर्शन किया गया था एसीपी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया और वहां से चली गई जवाब न मिलने के कारण उक्त  प्रदर्शन  करते हुए   एडीसीपी पूर्णान सिंह के पास पहुंचे ।तो उन्होंने दो तीन पत्रकारों को अंदर आ कर बात करने को कहा ।

एसीपी महोदया  स्वाति चौधरी जी वहीं मौजूद थी और एडीसीपी ने कहा करोना जैसी महामारी बीमारी चल रही है मैं बाहर आकर सब पत्रकारों की बात सुनता हूं और समस्या का समाधान करूंगा मगर अफसोस पत्रकारों के साथ अनदेखा और अपमान किया गया है और पत्रकारों के मान सम्मान को ठेस पहुंचाया गया पुलिस प्रशासन के द्वारा और झूठ बोल कर चले गए और 2 मिनट बाद एडीसीपी व एसीपी महोदया बाहर निकल कर अपनी अपनी गाड़ी में बैठ कर  वहां से चले गए ।

 और पत्रकारों से बात तक नहीं की। सोचने की बात यह है कि पीड़ित पत्रकार द्वारा सारे साक्ष्य दिखाने के बाद एसपी महोदय एडीसीपी महोदय  सभी पत्रकारों के सामने आख़िर बात करने से क्यों कतरा रहे हैं। क्या पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से 3 निर्दोष पत्रकार को जेल भिजवाया गया है क्या पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को अनदेखा किया गया पत्रकारों के साथ अपमान करना उनके दिल को ठेस पहुंचाना की संविधान में लिखा है। 


एक आम नागरिक का आप अपनी वर्दी का गलत इस्तेमाल और उसका रौब झाड़ना वह भी संविधान के तहत एक अपराधी हैं भारत के चौथे स्तंम पत्रकारों का अपमान मान सम्मान ना करना यह भी एक संविधान के तहत दंडित अपराधी हैं मैं भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता हूं। इन सभी आला अधिकारियों के ऊपर जांच बैठा कर निष्पक्ष जांच कराकर इन सब को निलंबित सस्पेंड किया जाए तत्काल प्रभाव से भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की महान कृपा होगी धन्यवाद।

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