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कोरोना टीकाकरण को लेकर एक ओर सरकार के बड़े-बड़े दावे हैं तो दूसरी ओर इन दावों की पोल खोलती हकीकत

वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा एवं नवीन कुमार सिंह की रिपोर्ट

 जिस प्रकार से लगभग एक महीने से सहदेई बुजुर्ग प्रखंड में कोरोना टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।ऐसी स्थिति में कोरोना से जंग जीतना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लगने लगा है।एक बार फिर छह दिनों से सहदेई बुजुर्ग प्रखंड में कोरोना का टीकाकरण बन्द पड़ा है।जुलाई माह में केवल दो दिन ही टीकाकरण हो सका है।जिस प्रकार से प्रखंड क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चल रहा है।उससे यह स्पष्ट होने लगा है कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही कोरोना से लड़ाई के प्रति गंभीर नहीं हैं।आए दिन विभिन्न मीडिया माध्यमों में टीकाकरण को लेकर बड़े-बड़े सरकारी दावे किए जाते हैं।लेकिन सारे दावे जमीन पर दम तोड़ते हुए दिख रहे हैं।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सहदेई बुजुर्ग प्रखंड में 9 जुलाई से एक बार फिर टीकाकरण का कार्य बंद पड़ा है।जुलाई माह में केवल 2 दिन 2 एवं 8 जुलाई को ही टीकाकरण का कार्य हो सका है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहदेई बुजुर्ग के प्रभारी स्वास्थ्य प्रबंधक अजय कुमार दुबे ने बताया कि टीके के अभाव में टीकाकरण कार्य बंद है।उन्होंने बताया कि जुलाई माह में 2 दिन 2 एवं 8 जुलाई को टीकाकरण कार्य हो सका है। इसके पूर्व 2 जुलाई से पहले भी कई दिनों तक टीकाकरण कार्ड बन रहा था।लंबे इंतजार के बाद टीका प्राप्त हुआ जिसके बाद 2 जुलाई को कैंप लगाया गया था। 

टीकाकरण कार्य में तेजी लाने के लिए सरकार के निर्देश पर विद्यालय के शिक्षकों से लेकर आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, जन वितरण विक्रेता, आवास सहायक, किसान सलाहकार, विकास मित्र आदि ने लोगों को जागरूक करने का काम किया था। लोग बड़ी संख्या में टीकाकरण केंद्रों की ओर रुख भी किया। लेकिन सारे अभियान को टीके की कमी ने प्रभावित करके रख दिया। जिस प्रकार से प्रखंड में टीकाकरण अभियान चल रहा है।उस परिस्थिति में अगर कोरोना के तीसरी लहर आती है तो यह लहर लोगों के लिए बहुत ही जानलेवा साबित होगी।

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