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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने की अधिकारियों के साथ बैठक,दिए कई दिशा- निर्देश


वैशाली जिला ब्यूरो संवाददाता प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

हाजीपुर(वैशाली)भारत सरकार के राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष बबन रावत ने समाहरणालय सभागार में वैशाली जिले में कार्यरत सफाई कर्मियो से संबंधित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक मनीष, अपर समाहर्ता जितेंद्र कुमार साह, सिविल सर्जन डॉक्टर इंद्रदेव रंजन, सदर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार के अलावा नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आदि शामिल थे। बैठक में एजेंडावार समीक्षा करते हुए उपाध्यक्ष ने प्राथमिकता देकर सफाई कर्मी महादलित परिवारों को रहने के लिए शहर मुख्यालय में बहुमंजिला इमारत बना कर आवासन की सुविधा उपलब्ध कराने का निदेश दिया।

इस दौरान आयोग उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मियों के इपीएफ कटौती, नियोजन कार्ड, लेबर कार्ड, हेल्थ कार्ड, न्यूनतम मजदूरी आदि के बारे मे भी जानकारी ली तथा इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस मौके पर बिहार राज्य सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ललन राम ने आयोग उपाध्यक्ष से मिलकर सफाई कर्मियों की अनेक समस्याओं से संबंधित मांग पत्र दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर कार्यपालक पदाधिकारी को सिविल सर्जन से समन्वय बनाकर सफाई कर्मियों की साल में दो बार स्वास्थ्य जांच कराने का निदेश दिया।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी थानों में आगंतुक कक्ष बनाया गया है। जहां कोई भी व्यक्ति वरीय पुलिस पदाधिकारी से मिल कर अपनी परेशानी कह सकते है। इसके अलावा विशेष किसी परिस्थिति में कभी भी वह एसपी से आकर मिल सकते है। नगर कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि जिले में मैन्युअल स्कावेंजर्स की प्रथा नहीं है। सफाई कर्मियों को सेफ्टी इक्विपमेंट के तौर पर बूट एवं ग्लव्स दिया जाता है।

 नियमित 4 कर्मियों को एसीपी का लाभ दिया गया है। इन्हें श्रम संसाधन विभाग से जारी न्यूनतम मजदूरी दर के अनुरूप अनस्किलड मजदूर वाली राशि दी जा रही है। यह भुगतान सफाई कर्मियों को सीधे बैंक खाते में जाता है। बीच-बीच में इसकी जानकारी भी ली जाती है। सेवानिवृत्त सफाई कर्मियों को पेंशन के लिए 40 कर्मियों के कागजात अग्रसारित किए गए हैं। कार्यरत महिला सफाई कर्मियों से केवल झाड़ू-पोछा का ही काम लिया जाता है।

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