Breaking News

कोविड-19 प्रोटोकॉल तहत शिशु शिक्षा मंदिर में बच्चों की हो रही पढ़ाई

विद्यालय के मुख्य गेट पर छात्र-छात्राओं को सेनिटाइज कर अंदर जाने की दी जा रही अनुमति


रोहतास बिक्रमगंज संवाददाता राजू रंजन दुबे की रिपोर्ट 

बिक्रमगंज(रोहतास)। काराकाट प्रखंड क्षेत्र के मिश्रवलिया व सखवां गांव में अवस्थित शिशु शिक्षा मंदिर के दोनों शाखाओं में विद्यालय प्रशासन की ओर से वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के मद्देनजर ध्यान में रखते हुए कोविड-19 प्रोटोकॉल तहत छात्र व छात्राओं की पढ़ाई नित्यप्रतिदिन की जा रही है । विद्यालय के मुख्य गेट पर ही शिक्षकों के द्वारा छात्र व छात्राओं को सेनिटाइज कर अंदर प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है । 

जबकि इसकी जांच करने प्रिंट मीडिया के स्थानीय पत्रकार जब उक्त विद्यालय के दोनों शाखाओं पर पहुंचे तो विद्यालय प्रशासन पहले से ही मुख्य गेट पर निदेशक के साथ साथ सभी शिक्षक व शिक्षिकाओं के द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत जांच के उपरांत ही सभी छात्र व छात्राओं को अंदर जाने की अनुमति देते हुए पाए गए । जब इस संबंध में स्थानीय पत्रकार ने विद्यालय के निदेशक व प्राचार्य से पूछा तो विद्यालय के निदेशक प्रो सुरेश तिवारी और सखवां ब्रांच के प्राचार्य अमित शेखर ने कहा कि हम स्वयं अपने सभी शिक्षकों के साथ सरकार द्वारा जारी किए गए कोविड-19 प्रोटोकॉल तहत विद्यालय में छात्र व छात्राओं को प्रत्येक दिन जांच के उपरांत अंदर प्रवेश कराया जाता है । 

उन्होंने बताया कि विद्यालय के हर कमरे को प्रत्येक दिन सेनिटाइज किया जाता है । बच्चों के साथ साथ शिक्षक व शिक्षिका को भी प्रत्येक दिन विद्यालय परिसर में बिना मास्क लगाये नही आना है । साथ ही कमरे के अंदर एक बेंच पर दो बच्चों को बैठने की अनुमति दी गई है । जिसका पालन प्रत्येक दिन बच्चों के द्वारा किया जाता है । उसके उपरांत विद्यालय के निदेशक , प्राचार्य व बच्चों ने कहा कि इस महामारी को लेकर जो सरकार द्वारा लॉक डाउन लगाया गया था जिससे पढ़ाई पर गहरा असर पड़ा ।

 उन्होंने कहा कि बच्चों को ऑन लाइन पढाई की सुविधा सरकार द्वारा जारी किए गए गाइड लाइन के आधार पर विद्यालय प्रशासन की ओर से पढ़ाई की जा रही थी । लेकिन बच्चों में किसी भी तरह का विकास नही हुआ । साथ ही साथ बच्चों ने भी कहा कि ऑन लाइन से हमलोगों का पढ़ाई बिल्कुल ही नही हो पाई है । कुछ बच्चों के द्वारा बोला गया कि ऑन लाइन की पढ़ाई से कुछ भी समझ में नही आ पा रहा था । जिसमें कुछ बच्चों का कहना है कि किसी के पास एंड्रॉयड मोबाइल की सुविधा थी , तो किसी के पास नहीं थी । जिसके पास मोबाइल की सुविधा उपलब्ध थी तो उन्होंने पढ़ाई कर लिया लेकिन कुछ लोगों के पास कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं थी.

 जिस वजह से वैसे में हमलोगों का पढ़ाई नही हो पाया । लेकिन जैसे ही लॉक डाउन के उपरांत विद्यालय खुला तो हम सभी को काफी खुशी हुई । जो इतने लंबे दिनों के बाद हम सभी अपने शिक्षकों से मिले । अब हमलोगों की पढ़ाई सही रूप से हो पायेगी । इन बिंदुओं पर चर्चा करते हुए मीडिया से मुखातिब होते हुए बच्चों ने कहा कि हमारे विद्यालय प्रशासन की ओर वखूबी से कोविड-19 प्रोटोकॉल तहत प्रत्येक दिन पढ़ाई की जा रही है ।

कोई टिप्पणी नहीं

Type you comments here!