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रक्षाबंधन पर्व के दिन मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने टेका माथा, श्रद्धालुओं ने मां को चढ़ाया चढ़ावा

वैश्विक महामारी कोरोना पर आस्था पड़ा भारी


रिपोर्ट राजू रंजन दुबे बिक्रमगंज रोहतास बिहार

बिक्रमगंज(रोहतास)। स्थानीय शहर बिक्रमगंज नगर परिषद के वार्ड संख्या 21 में अवस्थित मां के दरबार में रक्षाबंधन पर्व के दिन श्रद्धालुओं ने टेका माथा , श्रद्धालुओं ने मां को चढ़ाया चढ़ावा , वैश्विक महामारी कोरोना पर आस्था पड़ा भारी । आपको बताते चलें कि यह मां का मंदिर काफी प्राचीनतम है । मां का मंदिर अंग्रेजी हुकूमत के समय से ही डुमरांव लाइन नहर के बीचोंबीच अवस्थित है । ग्रामीणों के अनुसार बताया जाता है कि मां का यह रूप विंध्यनगरी की आराध्य देवी मां दुर्गा की स्वरूप है । यहां के पूर्वजों एवं आचार्यों के द्वारा विंध्य नगरी से मां के स्वरूप को लाकर आचार्यों द्वारा यज्ञोंपासना कर प्रतिष्ठित किया गया । 

उसी दौरान से माता रानी का उपासना व आराधना करते लोग आज भी यहां अपनी अपनी इच्छानुसार जो भी मन्नतें मांगते है । सभी भक्तों की मुरादें माता रानी के द्वारा पूरी की जाती है । इनकी महिमा काफी अपरंपार है । जो भी श्रद्धालु अपने सच्चे मन से मां को याद करते है माता रानी उनकी मुरादें पूरी करती है । रविवार को रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर वैश्विक महामारी कोरोना को नजरअंदाज करते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता के मंदिर पहुंच भक्तिभाव से पूजा अर्चना करते हुए माता रानी को चढ़ावा चढ़ाया । इस दौरान मां के दरबार में जय माता दी के जयघोष से पूरा वायुमंडल गुंजायमान हो रहा था ।

 मानों ऐसा प्रतीत हो रहा था कि माता रानी स्वयं साक्षात अपने भक्तों को अपना स्वरूप दिखा रही थी । मानों उस समय का दृश्य कुछ और ही देखने को मिल रहा था । उस समय का माहौल काफी भक्तिमय दिखा । किसी भी श्रद्धालुओं को कोरोना वैश्विक महामारी से तनिक भी भय नही दिख रहा था । सभी श्रद्धालुओं ने कोरोना वैश्विक महामारी को पीछे छोड़ते हुए मां के भजनभाव में लीन थे । पूजन के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं सहित स्थानीय ग्रामीण लोग उपस्थित थे ।

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