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जिंदा कौम हमेशा अपने पूर्वजों को याद रखता है: डॉक्टर शशि

प्रसिद्ध कवि उमाकांत वर्मा की जयंति मनाई गई 


हाजीपुर
(वैशाली)जिला मुख्यालय हाजीपुर के अंतर्गत बागदुल्हन में स्थित यूथ्स कम्प्यूटर अकादमी के प्रांगण में डॉक्टर शशि भूषण कुमार की अध्यक्षता में वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में बज्जिका,भोजपुरी एवं हिन्दी के समर्थ एवं चर्चित गीतकार,कवि व लेखक प्रोफेसर डॉक्टर उमाकांत वर्मा की जयंती मनाई गई।इस जयंती समारोह का उदघाटन बिहार विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग में विभागाध्यक्ष रहे डॉक्टर बी.एन. झा, मुख्य अतिथि साहित्यकार शालीग्राम सिंह 'अशांत' एवं विशिष्ट अतिथि डॉक्टर नंदेश्वर प्रसाद सिंह,और मानवाधिकार पत्रकारिता के संवाहक व सम्मेलन के अध्यक्ष डॉक्टर शशि भूषण कुमार ने संयुक्त रूप से किया।समारोह का प्रारंभ आशुतोष सिंह द्वारा सरस्वती वंदना से प्रारंभ किया गया।कार्यक्रम में मंच संचालन उपाध्यक्ष मेदनी कुमार मेनन ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुश्री अलका ने प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में विषय प्रवेश कराते हुए वरिष्ठ साहित्यकार व रंगकर्मी अखौरी चंद्रशेखर ने कहा कि डॉक्टर उमाकांत वर्मा सरल,सहज एवं उत्कृष्ट प्रतिभा से परिपूर्ण साहित्यकार थे।

 प्रोफेसर उमाकांत वर्मा जी की दोनों सुपुत्री पूर्व प्राचार्य अरविन्द महिला कॉलेज पटना डॉक्टर मधु वर्मा और पूर्व निर्देशिका आयुर्वेदिक कॉलेज पटना डॉक्टर किरण वर्मा ने फोन के माध्यम से समारोह को संबोधित की एवं वैशाली जिला के साहित्यकारों को अपनी ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया।समारोह में डॉक्टर शिव बालक राय,विनय सिंह, विनोद प्रसाद सिंह,विजय कुमार विनीत, विजय गुप्ता,चांदनी कुमारी, कुमार वीर भूषण,विभा सिंह,जितेंद्र सिंह, डॉक्टर महेश राय एवं डॉक्टर वीरमणि राय ने उमाकांत वर्मा के प्रभावशाली व्यक्तित्व पर विचार-विमर्श किया।डॉक्टर नंदेश्वर प्रसाद सिंह,केकी कृष्ण,आशुतोष सिंह एवं अखौडी चंद्रशेखर ने उनकी कविताओं का पाठ किया।नागेंद्र मणि ने उनकी गीत आइल तूफान गाकर खूब तालियां बटोरी।

इस कार्यक्रम में मृत्युंजय कुमार सिंह,रंजीत सिंह, अधिवक्ता मुकेश रंजन,दंत चिकित्सक डॉक्टर अशोक कुमार सिंह एवं संतोष कुमार मंडल,फिजियोथेरेपिस्ट सतीश कुमार मंडल,अधिवक्ता युवराज सुनील सिंह,अशोक कुमार श्रीवास्तव, अनुपमा सिंह,सिद्धि सेन,वेद वत्स यशस्वी चौहान,धर्मवीर कुमार शर्मा, प्रभुनन्दन कुमार,अधिवक्ता साकेत कुमार द्वेवेदी,पुरषोत्तम कुमार सुमन, कुमार गौरव, रुद्र प्रताप सिंह,पप्पू कुमार,राजा बाबू,अनिल कुमार सिंह, आकाश कुमार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कामेश्वर झा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉक्टर बी एन झा ने कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी उमाकांत वर्मा जी सदैव मानवीय संवेदना से जुड़े रहे।

वे तुच्छ से तुच्छ प्राणियों के प्रति भी असीम संवेदना रखते थे।डॉक्टर नंदेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि उमाकांत बाबू में चुम्बकीय आकर्षण था जो सभी को उनका मित्र और स्नेही बना लेता था।शालीग्राम सिंह अशांत ने उमाकांत बाबू की विभिन्न पुस्तकों पर प्रकाश डाला। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए डॉक्टर शशि भूषण कुमार ने कहा कि जिंदा कौम हमेशा अपने पूर्वजों को याद रखता है एवं उनकी प्रेरणा से अपना मार्ग प्रशस्त करता हैं और स्वयं तथा समाज को लाभान्वित करता है।

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