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भाषा-संस्कृति की रक्षा और संवर्द्धन का आदिवासी समाज के लोगों ने लिया संकल्प


रिपोर्ट अक्षय कुमार आनंद बेतिया बिहार

मैनाटाड़: मानपुर थाना क्षेत्र के चक्रसन गांव में विश्व आदिवासी दिवस पर एक समारोह का आयोजन किया गया।। मौके पर आदिवासी समाज के लोगों ने  आदिवासी भाषा और संस्कृति की रक्षा एवं संवर्द्धन का संकल्प लिया। मौके पर आदिवासी उरांव महासभा के प्रखंड अध्यक्ष विजय उरांव ने कहा कि हमारी संस्कृति, वेशभूषा व आजीविका को जीवित रखने के लिए हम सबको संकल्प लेना होगा ।साथ ही पाश्चात्य सभ्यता- संस्कृति में नहीं बहे और अपनी सभ्यता- संस्कृति की रक्षा में जुटे रहें। वहीं गौनाहा के जितेंद्र उरांव ने कहा कि आदिवासी समुदाय के लोग अपनी जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहें । हमारा जल, जंगल, जमीन सुरक्षित होगा तभी हम सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि 1994 से 2004 तक आदिवासी दशक घोषित किया गया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र संघ ने 13 सितंबर 2007 को विश्व आदिवासी का घोषणा पत्र तैयार किया। घोषणा पत्र में कहा गया कि आदिवासियों के अधिकार को सुरक्षित किया जाए। लेकिन सरकार हम सभी पर ध्यान नहीं देती है। ऐसे में अपने हक हुकूक के लिए एकजुट होना पड़ेगा। साथ ही अपने अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान देने पर भी विशेष बल दिया गया।मौके पर पूरे विधि-विधान से सरना पूजा किया गया। वहीं समारोह में आदिवासी समाज की महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक नृत्य भी किये।इस अवसर पर शंकर उरांव,बलिराम उरांव,मनोहर उरांव, सुजीत उरांव,आकाश उरांव, महात्मा उरांव, रामजन्म उरांव, शकुंतला देवी, कौशल्या देवी आदि काफी संख्या में आदिवासी समाज की महिलायें , पुरुष ,युवा और बच्चे शामिल रहे।

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