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झड़ी झड़ी रोवेली गुजरिया हो चुनरिया में दाग लग गइल

महुआ के पौड़ हुसैनीपुर में श्रद्धांजलि सभा के मौके पर सत्संग सभा में रखे विचार


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

सदगुरु कबीर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने आपसी प्रेम, एकता, सहिष्णुता, अपनत्व और भाईचारा का संदेश दिया था। उक्त बातें महुआ के पौड़ हुसैनीपुर में श्रद्धांजलि सभा के मौके पर कबीर के अनुयायियों द्वारा सत्संग सभा में कहीं गई। 

यहां गांव में द्वारिका साहेब की श्रद्धांजलि सभा के मौके पर उनके परिजन द्वारा सत्संग सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर लोगों को आपसी सद्भाव, एकता, सहिष्णुता और अपनत्व बनाए रखने का संदेश दिया गया। यहां मौके पर प्रदीप राय, पैक्स अध्यक्ष विजय कुमार उर्फ मिंटू राय, शिक्षक सुरेंद्र राय के अलावा दिनेश राय, आयुष राय, कैलाश राय, लखींद्र राय, डॉ कैलाश राय, जामुन राय, आदि ने आगंतुकों स्वागत किया। 

यहां पर कबीर मठ राजापाकर के आए ज्ञान प्रकाश ने श्रद्धालुओं को कबीर के विचारों का रसपान कराते हुए कहा कि मानव का सबसे बड़ा शक्ति और धन उसका सादगु, सच्चाई और मानव से मानव का लगाव है। यहां कबीर भजन से लोगों को ओतप्रोत कर दिया गया। झड़ी झड़ी रोवेली गुजरिया हो चुनरिया में दाग लग गईल, घुंघट के पट खोल रे तुझे पिया मिलेंगे, मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊं आदि भजन से लोग मंत्रमुग्ध हुए। सत्संग सभा में श्रद्धालुओं और कबीर विचार से जुड़े लोगों की भीड़ जुट गई। यहां पर सत्संग के मौके पर कबीर के अनुयायियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

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