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देहरादून एसडीएम सदर गोपाल राम बिनवाल का स्थानांतरण हो जाने पर एसडीएम को विदाई दी


देहरादून से जिला ब्यूरो चीफ शादाब अली एवं अवधेश कुमार की रिपोर्ट

देहरादून एसडीएम सदर को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गई एसडीम सभागार की अध्यक्षता में हुए विदाई समारोह में उत्तराखंड उत्तर प्रदेश स्पेशल रिपोर्ट शादाब अली, तहसीलदार दयाराम, नयाब तहसीलदार सतेंद्र सिंह, पेशकार हरीश पांडे, एस्टोनो रमेश सैनी, अब्दुल वहाब, आजाद, जाकिर अंसारी,अफतब का माल्यार्पण और उपहार देकर सम्मानित किया गया। एसडीएम की कार्यशैली की सराहना की वही आम लोगो द्वारा एसडीएम के व्यवहार की प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी समेत तमाम अधिकारी और कलक्ट्रेट के कर्मचारी मौजूद रहे ।

उत्तराखंड गठन के बाद सबसे लंबी अवधि लगभग 1 वर्ष 11 माह तक उप जिलाधिकारी सदर के पद पर कार्यरत रहे हुए सबसे लोकप्रिय अधिकारी के रूप में पहचान बनाई। शासन प्रशासन एवं जनता के मध्य अपनी कुशल कार्यशैली से लंबी अवधि तक उप जिलाधिकारी सदर के पद पर कार्यरत रहे।

 जनपद देहरादून तहसील सदर में जनता की समस्याओं की सुनवाई तथा उनका निराकरण जन अपेक्षाओं के अनुरूप किए गए । न्यायिक कार्यों मैं विशेष रूचि लेकर जन आकांक्षाओं के अनुरूप शीघ्रता से निस्तारण हुआ है। तहसील सदर अंतर्गत भू माफियाओं द्वारा सरकारी भूमियों पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण को शक्ति से हटाते हुए कई हेक्टेयर भूमि भू माफियों के कब्जे से मुक्त कर सार्वजनिक योजना हेतु आवंटित / प्रस्तावित की गई। 

समय समय पर क्षेत्रअंतर्गत पलटन बाजार,कावली रोड, प्रेम नगर,राजपुर रोड जैसे क्षेत्रों से अवैध अतिक्रमण को बिना किसी दबाव के दृढ़ता से हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । दूसरी ओर कोविड-19 के कठिन दौर में आपके द्वारा अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमताओं के दम पर प्रथम एवं द्वितीय वेब के दौरान बेहतरीन कार्य करते हुए जनता एवं प्रशासन के बीच  समन्वय स्थापित करते हुई अपनी कार्यकुशलता का लोहा मानते  हुए हर मोर्चे पर सफलता अर्जित की गई। 

कोविड-19 के प्रारंभिक दौर पर कंटेनमेंट जोन का निर्माण, वेरीकटिंग, कंटेनमेंट जोन में खाद्यान्न सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, कोरेंटिन सेंटरों की व्यवस्था, बॉर्डर चेकिंग प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक भेजने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं, तथा प्रारंभिक दौर पर मजदूरों, बेघर लोगों एवं जरूरतमंद लोगों को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। द्वितीय वेब के दौरान जहां प्रशासनिक स्तर पर सबसे बड़ा चैलेंज लावारिस स्थिति में अथवा परिजनों के दाह संस्कार में उपस्थित ना हो पाने की कारण कोबिट से मृतक व्यक्तियों के दाह संस्कार में अत्यंत कठिनाइयां होने पर अपनी कार्यकुशलता एवं  कुशलता प्रबंध के आधार पर निजी व्यक्तियों के सहयोग से इस कार्य को बेहतरीन तरीके से संपादित कराया । 

इससे अधिक चुनौतीपूर्ण कोबिट श्मशान घाट में मृतक व्यक्तियों के दाह संस्कार कराने के लिए जहां निजी /सरकारी संस्थाओं के द्वारा हाथ खड़े कर देने पर यह जिम्मेदारी उप जिलाधिकारी सदर गोपाल राम बिनवाल को दी गई जिसे बेहतरीन प्रबंधन एवं निजी व्यक्तियों के सहयोग से कोबिट से मृतक व्यक्तियों के दाह संस्कार में किसी भी प्रकार की कठिनाइयां उत्पन्न नहीं होने दी।

 इसके अतिरिक्त द्वितीय वेब में ऑक्सीजन आपूर्ति,टीकाकरण, बॉर्डर चेकिंग कंटेनमेंट जोन निर्माण, तथा सेंपलिंग की कार्यवाही बेहतरीन तरीके से करते हुए किसी भी प्रकार की कोई शिकायत का मौका नहीं दिया। राम बिनवाल शीघ्र निर्णय लेने की क्षमता,जनता के साथ मधुर व्यवहार, कुशल प्रशासक, सरल स्वभाव, एवं जनता के मध्य लोकप्रिय अधिकारी के रूप में अपनी एक अलग छवि स्थापित करने में आपने सफलता अर्जित की है।

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