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प्रख्यात शिक्षाविद,महान दार्शनिक और आस्थावान हिन्दू विचारक थे डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन: डॉ० मनीष रंजन


रोहतास बिक्रमगंज संवाददाता राजू रंजन दुबे की रिपोर्ट

बिक्रमगंज(रोहतास)। स्थानीय वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय धारूपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती बड़े ही धूम धाम से मनाई गई । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के सीनेट सदस्य एवं भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री और काराकाट विधानसभा प्रभारी तथा महाविद्यालय के शिक्षक प्रतिनिधि प्रो० डॉ० मनीष रंजन तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० डॉ० सुरेंद्र कुमार सिंह ने डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किया । इस अवसर पर प्रो० डॉ० मनीष रंजन ने बताया कि डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति रहे । वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। 

उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था । उनका जन्मदिन (5 सितम्बर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है । डॉ॰ राधाकृष्णन का जन्म तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेन्सी के चित्तूर जिले के तिरूत्तनी ग्राम के एक तेलुगुभाषी ब्राह्मण परिवार में 5 सितम्बर 1888 को हुआ था । दर्शनशास्त्र में एम०ए० करने के पश्चात् 1918 में वे मैसुर महाविद्यालय में दर्शनशास्त्र के सहायक प्राध्यापक नियुक्त हुए । बाद में उसी कॉलेज में वे प्राध्यापक भी रहे । 

डॉ॰ राधाकृष्णन ने अपने लेखों और भाषणों के माध्यम से विश्व को भारतीय दर्शन शास्त्र से परिचित कराया । सारे विश्व में उनके लेखों की प्रशंसा की गयी । साथ ही डॉ0 रंजन ने यह भी बताया कि यद्यपि उन्हें 1931 में ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा "सर" की उपाधि प्रदान की गयी थी लेकिन स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात उसका औचित्य डॉ॰ राधाकृष्णन के लिये समाप्त हो चुका था । जब वे उपराष्ट्रपति बन गये तो स्वतन्त्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ॰ राजेंद्र प्रसाद ने 1954 में उन्हें उनकी महान दार्शनिक व शैक्षिक उपलब्धियों के लिये देश का सर्वोच्च अलंकरण भारत रत्न प्रदान किया । 

हमारे देश के द्वितीय किंतु अद्वितीय राष्ट्रपति डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन (5 सितम्बर) को प्रतिवर्ष 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है । इस दिन समस्त देश में भारत सरकार द्वारा श्रेष्ठ शिक्षकों को पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है । इस अवसर पर मुख्य रुप से प्रो वीर बहादुर सिंह, प्रो उमाशंकर सिंह, प्रो शिवकुमार सिंह, प्रो अखिलेश सिंह, प्रो विजय सिंह, प्रो ज्ञान प्रकाश सिन्हा, प्रो ब्रजकिशोर सिंह, प्रो अशोक सिंह, प्रो अनील सिंह, प्रो अजय सिंह, प्रो दिनेश कुमार, प्रो कुमार विवेक, प्रो बलवंत सिंह, अभय कुमार सिंह, अजय कुमार मिश्रा, राजेश्वर सिंह, ब्रजेश सिंह, रोहित कुमार तिवारी, मंटू कुमार चौधरी और सभी कर्मचारी एवम् छात्र-छात्राएं उपस्थित थे ।

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