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फाइलेरिया के रोगियों के बीच मेडिकल किट का किया वितरण


सीतामढ़ी से दीपक पटेल की रिपोर्ट

जिलाधिकारी सुनील कुमार यादव ने जिला मलेरिया कार्यालय में दीप प्रज्वलित कर फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों,मीडिया प्रतिनिधियों ने दवा खाकर फलेरिया मुक्त सीतामढ़ी का संदेश दिया। इसके पश्चात उन्होंने सीतामढ़ी ने ठाना है,फलेरिया मुक्त जिला बनाने है के नारों के साथ गुब्बारा गुच्छ को हवा में उड़ाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम आज 20 सितंबर 2021 से शुरू हो रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान घर घर जाकर सभी को (2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों गर्भवती महिलाओं एवम गंभीर रूप से पीड़ित लोगों को छोड़कर) डी0ई0सी0 व अल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमलोग फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए कृत संकल्पित है। इसके लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई गई है। फाइलेरिया के उन्मूलन के इस अभियान में सभी विभागों का सहयोग लिया जा रहा है ताकि फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान के पहले डी0ई0सी0 एवं अल्बेंडाजोल की दवा का सेवन करने हेतु शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि के द्वारा समुदाय को प्रोत्साहित करने हेतु कार्यक्रम चलाया गया,साथ ही क्षेत्र के सभी घरों में लोगों को फाइलेरिया की दवा ख़िलाने को लेकर जागरूक भी किया गया। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ गाँव-गाँव मे जाकर लोगो को जागरूक करेगी।उन्होंने कहा कि इन सभी गतिविधियों के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य रुप करने का निर्देश दिया गया है।जिलाधिकारी ने अपील करते हुए कहा कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने हेतु दवा का जरूर सेवन करे। बाद में जिलाधिकारी ने फाइलेरिया रोगियों बीच कीट का भी वितरण किया। डीएमओ डॉ आरके यादव ने कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग हैं । व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है ।फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर की सूजन हाथीपांव हाइड्रोसील अंडकोष का सूजन है। फाइलेरिया के रोकथाम नियंत्रण के लिए डीईसी एवम अल्बेंडाजोल की गोली साल में एक बार सरकार द्वारा मुफ्त में खिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्तियों के अलावा यह दवा सभी को खिलाई जाएगी। यह दवा खाली पेट नहीं खाना है। दवा स्वास्थ्य कर्मी के सामने ही खाना जरूरी है।उन्होंने बताया कि किसी-किसी व्यक्ति को मरते हुए परजीवी के प्रतिक्रिया स्वरूप कभी-कभी सर दर्द ,शरीर में दर्द बुखार उल्टी , बदन पर चकत्ते जैसी मामूली प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। इससे घबराना नहीं चाहिए और यह लक्षण स्वतः ही ठीक हो जाते हैं। उक्त बैठक में सिविल सर्जन सुरेश चंद्र लाल,डीएमओ डॉक्टर आरके यादव, डीपीआरओ परिमल कुमार,डीपीएम अशीत रंजन,केयर इंडिया के मानस कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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