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बाढ़ से ग्रसित लोगों के मवेशी में बीमारी फैलने से काफी भय व्याप्त


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा एवं अनमोल भारती की रिपोर्ट

प्रखंड में एक तरफ लोग बाढ़ की विभीषिका से ग्रसित है तो वहीं अब दूसरी ओर मवेशियों में बीमारी फैलने से पशुपालकों में काफी भय व्याप्त हो गया है। 

इस महीने प्रखंड के करनेजी पंचायत एवं पटेढा गांव में एफ.एम.डी बीमारी से दर्जनों गाय एवं भैंस ग्रसित हुये है। सबसे ज्यादा असर करनेजी पंचायत के मुजा पकड़ी गांव में देखने को मिल रहा है। पकड़ी गांव निवासी सुरेंद्र सिंह के तीन गाय की मौत विगत एक सप्ताह के अंदर होने से वह पूरी तरह टूट चुके है। काफी संख्या में बीमारी फैलने से गांव के पशुपालकों में काफी दहशत का माहौल बना हुआ है। विकास कुमार,मन्टुन पासवान,चंद्रिका सिंह सहित कई लोगों के गाय एवं भैंस इस जानलेवा बीमारी से ग्रसित है। पशुपालकों ने झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा करा कर थक गए है। 

पकड़ी गांव के पशुपालकों का कहना है कि पशुपालन विभाग को जब सूचित किया गया तो साधने प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी अपने स्टाफ के साथ देखने आये थे। लेकिन इस बीमारी की दवा नहीं होने की बात बताकर कुछ दवा लिखकर चले गये। वहीं इस बाबत जब पशु चिकित्सा पदाधिकारी दिलीप कुमार झा से पुछा गया तो उन्होंने बताया कि दो दिनों से हमलोग मुजा पकड़ी गांव में अपने एक कर्मी मुकेश कुमार के साथ जाकर बीमार मवेशियों का ईलाज कर रहे है। उन्होंने बताया कि सोना सहनी, सुरेंद्र सिंह, रेखा देवी,मन्टुन पासवान,कृष्ण सहनी, जितेंद्र कुमार आदि के मवेशियों का इलाज हमारी टीम कर रहीं है।

प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ झा ने बताया कि इस बीमारी को फूड माउथ डिजीज कहते है। बाढ़ वाले इलाके में इस तरह की बीमारी फैलने का खतरा अधिक रहता है। मवेशी को शुरुआती दिनों में बुखार,मुंह मे छाले एवं लार निकलने लगता है। समय पर इलाज होने पर पशुओं को बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के लक्षण दिखने पर वह प्रखंड पशु चिकित्सा कार्यालय बेलसर और चकगुलामुद्दीन पशु अस्पताल में संपर्क कर सकते है।

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