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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बिहार प्रदेश कार्यसमिति की ऑनलाइन बैठक संपन्न


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा एवं नवीन कुमार सिंह की रिपोर्ट

सहदेई बुजुर्ग/महनार - राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बिहार प्रदेश कार्यसमिति की ऑनलाइन बैठक मैं 1 अप्रैल से लागू 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि की राशि का भुगतान नहीं होने होने पर छोभ प्रकट किया गया एवं प्रधानाध्यापक,प्रधान शिक्षक नियमावली 2021 को शिक्षकों के साथ धोखा बताया गया।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बिहार प्रदेश कार्यसमिति की ऑनलाइन बैठक जूम ऐप के माध्यम से आयोजित की गई।इस बैठक में सरकार की घोषणा एवं अधिसूचना जारी होने के बाद भी 1 अप्रैल 2021 से 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि की राशि का भुगतान अभी तक नहीं होने पर गहरी नाराजगी एवं आक्रोश प्रकट किया गया।प्रस्ताव पारित कर अविलंब 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि की राशि का भुगतान करने की मांग की गई।

बैठक में बिहार राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय प्रधान शिक्षक नियमावली 2021 एवं बिहार राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापक नियमावली 2021 को शिक्षकों के साथ धोखा बताया गया।कहा गया कि बिहार सरकार शिक्षकों के आंख में लगातार धूल झोंकने का प्रयास कर रही है।बैठक में कहा गया कि सेवा शर्त 2020 के कंडिका 16 प्रोन्नति में नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड एवं प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति देने का प्रावधान है।लेकिन सरकार इसकी बात न कर नए सिरे से प्रधानाध्यापकों की बहाली कर रही है।बैठक में उक्त नियमावली के कई प्रावधानों पर आपत्ति भी जताई गई।कहा गया कि इसमें डीपीई उत्तीर्ण शिक्षकों को कोई स्थान नहीं दिया गया है।

इसके अलावा बैठक में महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के स्थानांतरण को सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डालने पर कड़ी आपत्ति प्रकट किया गया और मांग किया गया कि अविलंब स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए।बैठक में विद्यालयों को दो वित्तीय वर्ष से विकास निधि एवं रख-रखाव की राशि नहीं मिलने,शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान नहीं होने आदि सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।प्रस्ताव पारित कर सरकार से विद्यालयों को विकास निधि उपलब्ध कराने एवं शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान करने की मांग की गई।बैठक में निर्णय लिया गया कि महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षकों की इन सभी समस्याओं को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री,शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौपेगा।

निर्णय लिया गया कि सरकार के स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन भी किया जाएगा।प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार लगातार शिक्षकों के साथ धोखा कर रही है।वह अपने ही बनाए गए नियम-कानूनों को मानने को तैयार नजर नहीं आती।उसने जो घोषणा की और अधिसूचना जारी किया उसे अभी तक लागू ही नहीं किया।और एक नई घोषणा फिर कर दी गई है जो जो शिक्षकों के साथ धोखा है।

इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार ने एवं संचालन महामंत्री पंकज कुमार ने किया।इस बैठक में मीडिया प्रभारी ज्ञानेंद्र नाथ सिंह,जिला अध्यक्ष बेगूसराय के प्रशांत कुमार,वैशाली के त्रिवेणी कुमार,समस्तीपुर के मिथिलेश कुमार,गोपालगंज से शिव कुमार द्विवेदी,अभिरंजन त्रिपाठी,मुंगेर से अभय नाथ,मधेपुरा से अरुण कुमार आर्य,सुपौल से विनय कुमार झा के साथ विनय मिश्रा,दिलीप कुमार,धर्मेंद्र कुमार,धीरज कुमार आदि बैठक में शामिल रहे।

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