Breaking News

वैशाली जिला में बाढ़ की विकराल रूप देखते हुए राज्य किसान सभा ने की वर्चुअल बैठक


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

वैशाली जिला में बाढ़ की स्थिति का विकराल रूप को देखते हुए बिहार राज्य किसान सभा वैशाली जिला इकाई की ओर से कार्यकर्ताओं की टीम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भ्रमण किया और वर्चुअल माध्यम से संवाद कायम कर जिला प्रशासन के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में उदासीनता के लिए आलोचना की और सरकार से जिला पदाधिकारी की बर्खास्तगी की मांग की।

 वर्चुअल माध्यम से की गई सर्वेक्षण में बाढ़ ग्रस्त इलाके की जनता के बीच से यह बात सामने आया कि सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का राहत सामग्री, टेंट, शामियाना, पन्नी शौचालय के साधन आदि भी उपलब्ध नहीं करा पाए, जिसकी पूरी जवाबदेही वैशाली जिला प्रशासन और कलेक्टर साहिबा का है।

 भगवानपुर प्रखंड के रामपुराअ सुरार गांव से गीता देवी, राधा देवी, आशा देवी, रेणु देवी, ने बताया कि गांव में बाढ़ के पानी की स्थिति इतनी भयावह है कि घर-घर में पानी घुसा हुआ है रसोई बनाने के लिए जगह नहीं है, मवेशियों को रहने और उसके चारा का कोई इंतजाम नहीं है और सरकार की तरफ से अभी तक किसी भी प्रकार की सहायता उपलब्ध नहीं कराया गया। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पासवान ने बताया कि महा दलितों के यहां की स्थिति और भी ज्यादा दयनीय है जहां कमाई एक पैसा भी नहीं है सारा काम धंधा बंद है वही बाढ ने सभी के घरों में चूल्हा चौका भी बंद कर रखा है। और निकम्मी जिला प्रशासन पीड़ितों की सहायता के नाम पर सिर्फ अखबारी बयान जारी कर रहे हैं.

 वर्चुअल मीटिंग में हाजीपुर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता रमेश सिंह चंदेल ने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति में तो फेल है ही साथ ही साथ दारूबंदी को भी कारगर तरीके से नहीं लागू कर पा रही है पिछले दिनों जहरीली शराब पीने से राघोपुर में 5 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई जिसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन पर है और सरकार के लोग अपने मुख्यमंत्री के गुणगान करने में व्यस्त हैं।कार्यक्रम में बोलते हुए भारतीय लोक मंच पार्टी के प्रधान महासचिव कुणाल सिकंद ने कहां की सरकार सिर्फ स्लोगन ओं में व्यस्त है और सरकार के पदाधिकारी घोटालों में मस्त है। अंबेडकर आइज पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश महासचिव पुकार पासवान ने सरकार के बालू नीति दारू,नीति और आपदा से निपटने के नीति की घोर आलोचना करते हुए कहा कि इनके पास कोई कार्यक्रम नहीं है जिसके आधार पर या कहा जा सकता है कि बिहार की जनता एक घर जिम्मेदार शासन के अधीन निवास करती है। इस अवसर पर बिहार राज्य किसान सभा के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता संजीव कुमार ने जिला पदाधिकारी को बर्खास्त करने की मांग बिहार सरकार से की है।

कोई टिप्पणी नहीं

Type you comments here!