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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के शत प्रतिशत पात्र लाभुकों को आपदा राहत हुआ घोषित


सीतामढ़ी से दीपक पटेल की रिपोर्ट

 माननीय मंत्री,अल्पसंख्यक कल्याण विभाग,बिहार सरकार सह प्रभारी मंत्री,सीतामढ़ी मो0 जमा खान की अध्यक्षता में बाढ़/अतिवृष्टि एवम अन्य आपदाओं से उतपन्न स्थिति, राहत कार्यो,फसल क्षतिपूर्ति, वैकल्पिक फसल योजना आदि को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।  उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आपदा पीड़ितों को पूरी सहजता के साथ ससमय राहत पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपदा जैसे महत्वपूर्ण कार्य को पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिये। इसमें  थोड़ी भी शिथिलता एवम लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।

 उन्होंने कहा कि माननीय जनप्रतिनिधियों के प्राप्त सुझाव एवम फीड बैक के आलोक में संबधित क्षेत्रो में जाँच टीम जाकर पूरी गंभीरता के साथ जाँच कार्य करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि यह हर हाल में सुनिश्चित करे कि एक भी पात्र लाभुक राहत लाभ से वंचित नही हो पाए। उन्होंने बाढ़, अतिवृष्टि,कोरोना महामारी जैसी आपदा में जिला प्रशासन के कार्यो की प्रशंसा भी किया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन उठाये,अगर किसी कारण से फोन नही उठा पाते है तो निश्चित रूप से कॉल बैक करे।

इसके पूर्व जिलाधिकारी ने माननीय मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों के स्वागत करते हुए पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में मुख्यतः तीन विभिन्न चरणों में बाढ़ एवं अतिवृष्टि का प्रभाव पड़ा है ,जिसमें पूरी तत्परता के साथ जिला प्रशासन द्वारा कई तरह से राहत कार्य किए गए। राहत एवं बचाव कार्य के तहत डुमरा प्रखंड के मेहसौल पश्चिम  पंचायत में 4 जुलाई से 10 जुलाई तक, सोनबरसा के मदेश्वरा पंचायत में 8 जुलाई से 11 जुलाई तक, परिहार के लहरिया में 29 अगस्त से 11 सितंबर तक तथा सुप्पी के बरहरवा पंचायत में 2 सितंबर से 12 सितंबर तक कम्युनिटी किचन चलाया गया।

 जिसमें कुल 25801 लोगों ने भोजन किया।उन्होंने कहा की जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रखंडों में 14713 व्यक्तियों के बीच पॉलीथिन सीट का वितरण किया गया। फसल क्षति के आकलन को लेकर कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन की टीम के द्वारा संयुक्त रूप से जांच की जा रही है। कई जगहों से रिपोर्ट भी प्राप्त हुई है परंतु कई प्रखंडों में जलजमाव के कारण जांच कार्य ठीक ढंग से संपादित नहीं हुआ है अतः संबंधित प्रखंडों में पुनः जांच टीम भेजी जा रही है।जिलाधिकारी ने कहा कि पथ प्रमंडल द्वारा बाढ़ से प्रभावित पथों एवं पुलों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।

 अभी तक कुल 22 पुलों  की मरम्मत की जा चुकी है जिसमें मुख्य रुप से सीतामढ़ी बाजपट्टी पुपरी पथ तथा बाजपट्टी कुम्मा पथ भी शामिल है। उन्होंने बताया कि डुमरा में कैलाशपुरी में मेन डायवर्शन पर कार्य हो रहा है इसे एक बार बनाया गया था जो अत्याधिक जल बहाव में बह गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में अब तक कुल 13 लाख 27 हजार 54 लोगों को कोविड-19 का प्रथम रोज लगाया जा चुका है जिले में आरिपीसीआर जांच शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को जिले में दो लाख लोगों को कोविड-19 के वैक्सीन लगाने हेतु विभिन्न प्रखंडों में मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में अब तक 126 कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों में से कुल 60 व्यक्तियों को अनुग्रह अनुदान का भुगतान किया जा चुका है,शेष भुगतान की कार्यवाई की जा रही है।  बैठक की समाप्ति के उपरांत माननीय प्रभारी मंत्री द्वारा रीगा प्रखंड के इस्लामपुर में घर गिरने से तीन मृतक बच्चों के परिजन को चार-चार लाख  कुल बारह लाख का चेक दिया गया। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी फसल क्षति,राहत कार्यो आदि को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए। 

उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से संबधित आपदा के प्रभाव को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।उक्त बैठक में माननीय सांसद सीतामढ़ी श्री सुनील कुमार पिंटू, माननीय सदस्य बिहार विधान सभा श्री मिथलेश कुमार, श्री अनिल कुमार राम , श्री मुकेश कुमार, श्री दिलीप राय, श्री संजय कुमार गुप्ता,  श्री पंकज कुमार मिश्रा, माननीय विधान परिषद सदस्य श्री रामेश्वर महतो, जिलाधिकारी सुनील कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय, सहित कई वरीय पदाधिकारी एवम विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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