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हर्षोल्लास साथ धूमधाम से की गयी अनंत भगवान की पूजा-अर्चना




बिक्रमगंज (रोहतास) : अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत सभी प्रखंडों के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में विभिन्न जगहों पर अनंत चतुर्दशी का व्रत रविवार को बड़े ही हर्षोल्लास साथ धूमधाम से मनाया गया । इस व्रत में छोटे छोटे बच्चे , महिलाएं युवा व बुजुर्गों ने भी व्रत रखा तथा भगवान अनंत की कथा ध्यान पूर्वक सुनी । कच्चे सूत से बने 14 गांठ वाले अनंत भगवान की पूजा अर्चना कर लोगों ने अपनी आस्था जताई । कथा श्रवण कर घर में सुख, शांति, सौहार्द , वैभव और यश के लिए कामना की ।कथा के उपरांत पुरुषों ने दाहिने व महिलाओं ने बायीं भुजा पर पीले रंग के अनंत का धागा बांध मिष्ठान व पकवान खाए । पंडित हरिशरण दुबे ने बताया कि यदि व्रत को कोई व्यक्ति लगातार 14 वर्षों तक नियम से करे तो उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है।इस दिन पूजा करने के बाद संकटों से रक्षा करने वाला अनंत सूत्र बांधे जाने की परंपरा है।मान्यता है कि इस रक्षा सूत्र को बांधने के बाद भगवान उनकी रक्षा करते है और सभी दुख को दूर करते हैं । कहा जाता है कि महाभारत में जब पांडव अपना सारा राज-पाठ जुआ में हार गये थे और कष्टदायक वनवास जीवन व्यतीत कर रहे थे । तब कृष्ण भगवान ने पांडवों को अनंत चतुर्दशी का व्रत करने को कहा था । तब धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने सभी भाइयों के साथ विधि-विधान के साथ अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा । जिसके बाद पांडव पुत्र एवं द्रोपदी सभी संकट से मुक्त हो गए । तब से अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है।इस पर्व में विष्णु भगवान की पूजा होती है । क्षेत्र के हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने व्रत रख कथा का श्रवण कर सेवई रोटी का प्रसाद ग्रहण किया ।

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