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सीओ ने लिया बाढ़ प्रभावित गांव का जायजा,पीड़ितों को बढ़ाया ढांढस


वैशाली जिला ब्यूरो प्रभंजन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

हाजीपुर(वैशाली)अंचलाधिकारी राजापाकर स्वयंप्रभा प्रखंड क्षेत्र के जाफर पट्टी पंचायत में बीते एक महीना से बाढ़ से हो रही परेशानी तथा सरकारी सहायता की बाट जो रहे बाढ़ पीड़ितों की हालात का जायजा लेने जाफरपट्टी गांव पहुंची और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।बाढ़ पीड़ितों ने अंचलाधिकारी से सामुदायिक किचन चलाने,रहने तथा मवेशियों के चारे की व्यवस्था करने की अविलंब मांग किया।

अंचलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया। मालूम हो कि बीते अगस्त माह से जाफर पट्टी पंचायत के अल्लीपुर मांझीपुर वार्ड 14 एवं 16 रामपुर ब्रह्मदास एवं हरपुर हरदास गांव के वार्ड 11 में बाढ़ का पानी घरों में घुसा है।जिससे बाढ़ पीड़ित को रहने, खाने,शौच जाने के साथ मवेशियों के खाने हेतु चारे की घोर किल्लत है।पानी प्रतिदिन कुछ ना कुछ बढ़ रहा है।लेकिन सरकारी मदद नदारद है। बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रखंड स्तर से सामुदायिक किचन की शुरुआत तो दूर एक अदत पन्नी अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया।जिससे बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश बना है।ग्रामीण सुबोध पटेल,ज्वाला कुमार,मोनू सिंह,सकल सिंह,सत्येंद्र सिंह आदि ने बताया है कि बाढ़ पीड़ितों के समक्ष भुखमरी की स्थिति बनी है।सरकार एक ओर बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने की बात करती है।

वहीं दूसरी ओर बाढ़ पीड़ित एक पन्नी के लिए लालायित है।गौरतलब हो कि प्रखंड क्षेत्र के मीरपुर पताढ़ में आई बाढ़ के पानी एवं उससे प्रभावित बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकारी सहायता के रूप में सामुदायिक किचन की शुरुआत की गई थी। लेकिन मात्र 6 दिन बाद ही सामुदायिक किचन को अचानक बंद कर दिया गया।जबकि अभी भी वहां के दलित बाढ़ के पानी में उनका घर डूबा है तथा उन्हें रहने खाने की घोर समस्या है।सामाजिक कार्यकर्ता अविनाश कुमार ने बताया कि मीरपुर पताढ़ पंचायत के दलित के घरों में अभी भी पानी घुसा है।

सामुदायिक किचन चलने से इन दलितों के बीच कम से कम खाने की समस्या का समाधान हो रहा था लेकिन अंचलाधिकारी राजापाकर द्वारा अचानक सामुदायिक किचन बंद करा दिया गया।इस संबंध में अंचलाधिकारी से बात किए जाने पर फोन भी उठाना मुनासिब नहीं समझा।इन लोगों ने यहां के दलितों के साथ डीएम वैशाली के समक्ष धरना प्रदर्शन किए जाने का निर्णय लिया है।समुदाय किचन बंद  कर दिए जाने से वहां के दलित बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश बना है।

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