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शिक्षा सेवकों की मांग को खारिज किये जाने पर बैठक आयोजित

सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल कि रिपोर्ट 




जमुई :  बिहार सरकार शिक्षा विभाग जन शिक्षा निदेशालय पटना के द्वारा बिहार राज्य मे कार्यरत शिक्षा सेवकों एवं तालिमि मर्कजों के वर्षों पूर्व से लंबित मांगों को खारिज कर दिये जाने की वजह से महादलित शिक्षा सेवकों एवं तालिमि मर्कजों में शौक की लहर दौड़ गई है । जिसे लेकर शिक्षा सेवक संघ जमुई के प्रदेश सचिव सह सोनो के बौझायत गांव निवासी प्रकाश बौद्ध की उपस्थिति में शिक्षा सेवकों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई । बैठक में बताया गया है कि महादलित शिक्षा सेवकों एवं तालिमि मर्कजों के प्रदेश कमेटी की एक शिष्टमंडल की ओर से परिवारिक जीवन की भरपाई एवं भरण पोषण करने के लिए बिहार विधानसभा के सदस्य विधायक सुधाकर सिंह के द्वारा माननिय मुख्यमंत्री नितीश कुमार को एक मांग पत्र समर्पित किया गया था , जिसे खारिज कर दिया गया है । शिक्षा सेवकों ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए बताया है कि अब हमारी उम्र भी मजदुरी करने लायक नहीं हैं , लिहाजा लंबित मांगों पर एकबार पुनः विचार करने का आग्रह सरकार से किया गया है । बताया गया है कि बिहार प्रदेश में कार्यरत सभी शिक्षा सेवकों ओर तालिमि मर्कजों को नियोजित शिक्षकों की तरह ही कार्य कराया जा रहा है , साथ ही हम सभी शिक्षक गण सरकार के द्वारा निर्देशित सभी कार्यों को ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते आ रहें हैं । ऐसे मे खारिज किये गये हमारी मांगो पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो हम सभी तालिमि मर्कजों एवं शिक्षा सेवकों द्वारा जन आंदोलन करने पर विवश हो जायेंगे । क्योंकि सरकार ने हम महा दलितों को महा दरिद्र बनाकर छोड़ दिया है ।

बैठक में पिंटु रजक , किशोरी रजक , केदार रजक , प्रवीण रजक , दिलीप दास , दुखीराम हेंब्रम , ब्रह्मदेव रजक , विकास कुमार दास , किशुन रजक , कारु तुरी , बिंदेश्वरी रजक , प्रकाश दास , सरवण चौधरी , बिनोद कुमार रजक , संजय रविदास , महेंद्र चौड़े तथा धर्मेंद्र रजक आदि   शामिल थे ।

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