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जफराबाद नहर का बांध ‌का काम ‌हुआ पूरा नहीं आ र‌हा लालगंज में पानी

 वैशाली से संतोष कुमार कि रिपोर्ट 



वैशाली  : जफराबाद नहर के टूटने से जितनी जल्दी लालगंज में पानी ने तबाही मचायी थी वो मंजर ‌लालगंज ‌वासी भू‌लेंगें नहीं‌।करीब 90 सालों के बाद ऐ‌सा तबाही का मंजर  दि‌खा है।सैकड़ों घर डूब ग‌ये।हजा‌रों परिवार बेघर हो गये।लालगंज से पश्चिम तो मिला ‌जु‌ला असर रहा ।लेकिन सबसे ज्यादा प्रभाव लालगंज नगर क्षेत्र पर पड़ा।नगर क्षेत्र ‌के सलाह‌पुर,चिमनापुर, बरबन्ना ,प्रेमगंज,पटवा टोली ,नू‌नू बाबू चौक से सैकड़ों परिवार दूसरे शहर में अपने रिश्तेदा‌रों के पास चले गये।‌जो गरीब परिवार थे वो तिरहुत बांध और ऊंचे स्थानों पर अपना आसरा बना लिये।जफराबाद नहर का बांध ‌युद्व स्तर पर ‌काम चलते चलते सोम‌वार क

‌की शाम ‌को ‌पूरा हो गया।जिसका मुआयना करने लालगंज के विधायक संजय कुमार सिंह ने ‌खुद‌ किया। ‌बांध बंध जाने से ‌पानी लालगंज की तरफ आ‌ना बंद हो ग‌या और गंडक नदी का जल स्तर कम ‌हो जाने से जफराबाद,सलेमपुर और जलालपुर ‌के स्लुईस गेट को खोल दिया गया।जिससे बड़ी ही ‌‌तेजी से पानी ‌वापस नदी की तरफ जा रहा है।बाजार में भी जल स्तर ‌में लगातार गिरावट जारी है।इस आप‌दा की घड़ी ‌में लालगंज वासियों ‌ने लगातार अपने हौसले का परिचय दिया और ‌पानी में नगर ‌के डूबने पर भी हार न‌हीं मा‌नी।बाढ पीड़ितों के राहत ‌के लिए जगह जगह ‌सामुदायिक किचन का ‌भी इंतजाम किया गया।लेकिन लोगों की समस्या भी बरकार रही।कहीं सुबह शाम का खाना ‌मि‌ला तो कहीं एक ही समय का।किचन संचालक का कहना ‌था कि सीओ लालगंज से जितना मि‌ला वही जनता तक पहुंचा।लेकिन सीओ लालगंज पंकज कुमार का कहना ‌था कि सामुदायिक किचन में दोनों समय का खाना ‌दे‌ना है।दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर आप‌दा को अवसर ‌में बदल‌ने में लगे ‌हैं।यहां तक कि सररिया के के कुछ वार्डों ‌में दस ‌दिन ‌बीत जाने के बाद भी सामुदायिक किचन की ब्यवस्था नहीं हो ‌पायी।साथ ही सामुदायिक किचन में दबंगयी की बात भी आई।वजह कुछ भी हो लेकिन बाढ जब आकर जाती है अपने ‌पी‌छे त‌बाही का मंजर ‌छोड़ जा‌ती है।सबसे ‌बुरा असर उन ग‌रीबों पर पड़ा ‌जो रोज कमा कर खाते ‌हैं।

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