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पांच दिवसीय मत्स्य आहार एवं प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण


बिक्रमगंज
(रोहतास)। केवीके बिक्रमगंज में पांच दिवसीय मत्स्य आहार एवं प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र रोहतास द्वारा की गई । इस प्रशिक्षण में 40 कृषक विभिन्न प्रखंडों से आकर भाग ले रहे हैं । प्रशिक्षण की शुरुआत करते हुए मत्स्य वैज्ञानिक आर के जलज ने कहा कि विगत 5 वर्षों में रोहतास जिले में मछली पालन में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है । वर्तमान में सिर्फ बिक्रमगंज अनुमंडल में लगभग 125 मत्स्य कृषक मछली पालन में लगे हुए हैं । पूरे रोहतास जिले में लगभग 4000 हेक्टेयर में मछली पालन का कार्य किया जा रहा है । राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से मछली पालन हेतु कई योजनाएं चलाई जा रही हैं । जिसके कारण किसानों में इसके प्रति रुझान बढ़ा है ।


 इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को मत्स्य पालन में लगने वाले मत्स्य आहार निर्माण के बारे में तकनीकी जानकारी दी जाएगी । एक बीघे तालाब से एक किसान मछली पालन के द्वारा ढाई लाख रुपये तक 10 महीने में लाभ प्राप्त कर सकते हैं । मछली पालन में लागत के रूप में एक से डेढ़ लाख रुपए प्रति बीघा सिर्फ मत्स्य आहार में खर्च हो जाता है । इस जिले में विभिन्न कंपनियों के मत्स्य आहार का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को मत्स्य आहार निर्माण की जानकारी दी जाएगी । मौके पर उपस्थित कृषकों को कतला, रोहू, मोनोसेक्स तिलापिया, पंगास, कवई, झींगा मछली, सिंघी, मांगूर इत्यादि मत्स्य प्रजातियों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी जाएगी ।


 इस प्रशिक्षण में उपस्थित उद्यान वैज्ञानिक डॉ रतन कुमार ने मत्स्य आधारित समेकित कृषि पालन के विषय में चर्चा किया । उनके अनुसार 1 एकड़ क्षेत्रफल में समेकित कृषि के द्वारा किसान कम से कम ₹3 लाख की आमदनी प्राप्त कर सकते हैं । प्रशिक्षण में हरेंद्र शर्मा, प्रवीण कुमार, अभिषेक कौशल, सुबेश कुमार, राकेश कुमार इत्यादि मौजूद रहे। कृषकों में गुलाब लाल, दया सिंह, सुधीर कुमार, सुभाष सिंह, शुभाशीष राम, दिवाकर सिंह इत्यादि सहित 40 कृषक मौजूद रहे ।

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