Breaking News

आस्था का केंद्र है बैरगनिया स्थित बौद्धी माता मंदिर


सीतामढ़ी बैरगनिया संवाददाता

बैरगनिया (सीतामढ़ी)। बैरगनिया शहर के थाना रोड में  स्थापित बौधी माता मंदिर इस क्षेत्र में आस्था का केंद्र है। यहां के लोगों अपने कोई भी शुभ काम करने से पूर्व इनकी पूजा जरुर करते हैं। 84 वर्षीय सत्यदेव प्रसाद साह व दीपक गाडिया बताते हैं कि यहां मांगी गयी मन्नंते निश्चित पूरी होती है। वर्ष 2001 में यहां के व्यवसायियों ने मंदिर का जिर्णोद्धार कराया।


इतिहास


बौद्धी माता मंदिर शक्ति पीठ के रूप में आस्था का एक केन्द्र माना जाता है। यहां सैकड़ों वर्ष पूर्व सिर्फ पाकड़ एवं पीपल का पेड़ था,जहां सिर्फ महिलाएं पूजा करती थी,करीब125 बर्ष पूर्व स्व पंडित भागवत झा वहां आकर रहने लगे और वे पेड़ के जड़ में पिंडी बना कर बौद्धी माता के नाम से पूजा अर्चना शुरू कर दिए। धीरे-धीरे बैरगनिया वासी पूजा अर्चना करते हुए मन्नंते मांगने लगे और उनकी मन्नंते पूरी भी होने लगी। इसी बीच पंडित भागवत झा स्वर्ग सिधार गए। और उनके पुत्र पंडित देवकांत झा एवं सामाज के धार्मिक लोगों ने 1985 में वहां एक मंदिर बना दिए। फिर भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी। 2001 में स्व पं. देवकांत झा के बाद पुत्र पं. वीरेंद्र कुमार झा वहां के पुजारी बने। उनके मृत्यु के पश्चात अब पंडित अरविंद कुमार झा पुजारी है। यहां नेपाल के गौर, मत्सरी, पिपरा, गुरुड़ा, शिवनगर,बंकुल एवं बिहार के ढेग,चैनपुर, ढाका, घोड़ासहन तक के लोग पूजा अर्चना कर मन्नंते मांगने आते हैं।

मंदिर के पुजारी-अरविंद कुमार झा बताते हैं कि यहां मन्नंते मांगने वाले सैकड़ों लोगों की इच्छाएं पूरी हुई है। इसी कारण बिहार सहित नेपाल के लोग भी माता के दर्शन हेतु यहां पहुंचते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

Type you comments here!