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लकड़हारे भूल गए कि यहां कोई सिंघम लेडी भी है खबर मिलते ही भागो भागो आई सिंघम आई मची अफरा-तफरी


उन्नाव से जिला ब्यूरो चीफ अवधेश कुमार की रिपोर्ट

वन विभाग की लापरवाही से हरियाली के सीने पर चल रहा था आरा। सफीपुर क्षेत्र अधिकारी डॉ बीनू सिंह को सूचना मिलते ही एक हाइड्रा एक ट्रक ड्राइवर सहित ठेकेदार गंज मुरादाबाद के वसी को उगू से किया गिरफ्तार ।

वन विभाग की मिलीभगत से चल रहा है आसपास के क्षेत्रों में धड़ल्ले से हरे पेड़ों पर आरा आज सूचना मिलते ही क्षेत्र अधिकारी सफीपुर सिंगम नाम से जाने जानी वाली अधिकारी डॉ बीनू सिंह को सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुच कर की बड़ी कार्रवाई वही उगू में ठेकेदार वसीम साहब धड़ल्ले से करा रहे थे कटान बगीचे में पहुंचक एक हाइड्रा व ट्रक सहित तीन लोग व कई दर्जन लकड़ियों के साथ लिया कब्जे में। इस बड़ी कार्रवाई से लक्कड़ कारों में मचा हाहाकार।

थाना सफीपुर के अंतर्गत ग्राम उगू में बिना परमिट के आमो सहित हरे पेड़े पर चल रहा था आरा क्षेत्र अधिकारी को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर ट्रक व हेडरा सहित तीन लोगों को किया गिरफ्तार। उगू में अड्ड़ी की आड़ में हरे पेड़ों को भी चढ़ा देते हैं उनकी बलि। 

थाना सफीपुर अंतर्गत उगू में बिना परमिट के हरा पेड़ काटने की सूचना पर सफीपुर तेजतर्रार क्षेत्र अधिकारी डॉक्टर बीनू सिंह छापेमारी करके तीन लोगों सहित दो ट्रकों किया गिरफ्तार पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा कायम हुआ है।

हरा पेड़ काटे जाने की सूचना मिलने पर ने छापेमारी की। इस दौरान तीन दर्जन पेड़ काटकर गिराए गए थे तथा कटान करने वाले के पास कोई परमिट नहीं था। इस पर तीन लोगों को उन्होंने गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ धारा 4/10 वन संरक्षण अधिनियम के तहत नामजद मुकदमा कायम करके जेल भेज दिया। इस बारे में सफीपुर क्षेत्र अधिकारी डॉक्टर बीनू सिंह ने बताया कि कहीं भी हरे पेड़ की अवैध कटान करने की सूचना मिलेगी तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र प्रतिबंधित पेड़ों की कटान के बिना परमिट के विभागीय से¨टग के आधार पर पेड़ों की कटान की जा रही है। हालांकि कटान कराने वाले विरोध करने वाले स्थानीय लोगों को परमिट भी दिखाते हैं और लोगों को धोखे में रखकर अपने कार्यो को अंजाम देते चले आ रहे थे। पिछले पांच वर्ष से पेड़ों की कटान पर यदि नजर डाला जाय तो अब तब क्षेत्र में पुरानी बागों की संख्या कटकर आधी हो चुकी है। क्षेत्र के छड़ना, कांटा मान आस पास छेत्र सह, समेत अनेक गांवों में लकड़ी कटान का कारोबार तेजी से होने से अनेक बागों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। क्षेत्रीय निवासियों ने कहा कि आम के पेड़ कटने पर सूचना देने के लिए जब वनकर्मियों को फोन किया जाता है तो वे कार्रवाई करने का आश्वासन तो देते हैं, पर इसके बदले होती है मात्र पेनाल्टी काटने की कार्रवाई। कठोर कार्रवाई नहीं होने से कटान कारोबारियों के हौसला बढ़ जाता है। आज की छापेमारी के दौरान यह मामला खुलकर सामने आ गया। देर से ही सही पर पुलिस की कार्रवाई से अवैध रुप से कटान करने वालों पर नकेल लगने की आस जगी है।

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