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होटल मैनेजमेन्ट से एम.एस.सी. करने के लिए नहीं जाना होगा बिहार से बाहर ,होटल प्रबंधन

वैशाली ब्युरो के साथ संतोष कुमार कि रिपोर्ट 



 संस्थान(हाजीपुर)में एम.एस.सी. ईन हॉस्पीटलिटी एडमीनिस्ट्रेशन पाठ्यक्रम (मास्टर डिग्री) की पढाई के लिए क्लासरूम का हुआ उद्घाटन, 30 सीटों के साथ पढाई हो चुकी है शुरू होटल प्रबंधन संस्थान, हाजीपुर (पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्तशासी निकाय) में ज्ञान भूषण "आई.ई.एस" (आर्थिक सलाहकार, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार) के द्वारा संस्थान में संचालित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अतिरिक्त नये पाठ्यक्रम मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम एम.एस.सी. ईन हॉस्पीटलिटी एडमीनिस्ट्रेशन की शुरूआत किये जाने के लिए क्लासरूम का उद्घाटन किया गया । (प्राचार्य) पूलक मंडल ने बताया कि बिहार में केन्द्र सरकार के अधीन ये पहला स्वायत्तशासी संस्थान है जहाँ एम.एस.सी. ईन हॉस्पीटलिटी एडमीनिस्ट्रेशन की शुरूआत अक्टूबर माह से हुई है। उन्होंने बताया कि इस पाठ्यकम के राष्ट्रीय होटल प्रबंध एवं कैटरिंग तकनालॉजी परिषद (पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्तशासी निकाय) के द्वारा होटल प्रबंधन संस्थान हाजीपूर को 30 सीटों के साथ मान्यता दी गई। अब यह एकमात्र सरकारी संस्थान है जहाँ अब होटल मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की पढाई शुरू हो चुकी है।  संस्थान के राजभाषा अधिकारी मुर्तजा कमाल ने बताया कि अब बिहार के युवाओं को होटल मैनेजमेन्ट से एम.एस.सी. करने के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ हीं अभी जॉब ऑरियन्टेड तीन वर्षीय डिगरी पाठ्यक्रम के लिए भी संस्थान में नामांकन प्रक्रिया जारी है। यहाँ आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई के लिए बिहार सरकार के  स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की पढाई शुरू हो चुकी है।इसके साथ ही अभी जॉब ऑरियन्टेड तीन वर्षीय डिगरी पाठ्यक्रम के लिए भी संस्थान में नामांकन प्रक्रिया जारी है। यहाँ आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की पढ़ाई के लिए बिहार सरकार के बिहार स्टूडेन्ट केडिट कार्ड स्कीम का लाभ भी आसानी से उपलब्ध तथा विभिन्न प्रकार की स्कॉलरशिप की सुविधओं की जानकारी भी विधार्थियों को दी जाती है। नीरज कुमार ने बताया प्रत्येक वर्ष हमारी संस्था से डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूरा कर चुके लगभग 250 से 300 विधार्थियों का प्लेसमेन्ट पर्यटन क्षेत्रों के पांच सितारा होटलों, सरकारी अथवा अर्द्ध-सरकारी कार्यालयों, एयरलाईन, कूज़ लाईन, रिटेल सेक्टर, हॉस्पीटल कैन्टीन आदि में होता है। उपरोक्त उद्घाटन कार्यक्रम पर्यटन क्षेत्र में डेस्टिनेशन बेस्ड स्किल डेवलपमेन्ट कार्यक्रम के संचालन हेतु ज्ञान भूषण “आई.ई.एस" (आर्थिक सलाहकार,पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार) की अध्यक्षता में संस्थान के प्राचार्य पूलक मंडल सहित विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक के उपरांत हुई। ज्ञात हो कि पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए काफी तत्पर्य है तथा उन क्षेत्रों में कार्य कर रहे कामगारों के विकास के लिए विभिन्न प्रकार की प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। उन्हीं प्रशिक्षण कार्यक्रमों अंतर्गत डेस्टिनेशन बेस्ड स्किल डेवलपमेन्ट कार्यक्रम के संचालन संबंधित जानकारी के लिए ज्ञान भूषण (आर्थिक सलाहकार, पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार) की अध्यक्षता में होटल प्रबंधन संस्थान हाजीपूर में बैठक आयोजत हुई थी। पूलक मंडल (प्राचार्य) ने बताया कि हरिहर नाथ मंदिर, वैशाली तथा राम जानकी मंदिर सीतामढ़ी (बिहार) क्षेत्र में वहाँ के कामगारों के लिए पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की सी.बी.एस.पी. स्किम अंतर्गत डेस्टिनेशन बेस्ड स्किल डेवलपमेन्ट कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिसमें स्किल टेस्टिंग एवं सर्टिफिकेशन (फुड प्रोडक्शन), हुनर से रोजगार तक (स्टीवार्ड), आंतरप्रिन्योरशिप (हलवाई), टूरिज्म अवेयरनेस प्रोग्राम आदि प्रमुख देड हैं जिसकी शुरूआत 25 अक्टूबर 2021 से शुरू की जायेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य वहाँ पे कार्य करने वाले कामगारों को प्रशिक्षित बनाना है । मुर्तजा कमाल (राजभाषा अधिकारी) ने बताया कि उक्त कार्यक्रम पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए कारगर साबित होगा। क्यूंकि पर्यटक के आतिथ्य सत्कार में वहाँ पर कार्यरत वेंडरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यदि हम वहाँ के कामगारों प्रशिक्षित करेंगें तो इसका असर पर्यटकों के आतिथ्य सत्कार पे भी पड़ेगा और पर्यटन क्षेत्रों अच्छे आतिथ्य की वजह कर पर्यटकों के आगमन में वृद्धि होगी।  मुर्तजा कमाल ने बताया कि प्रकाश चन्द्रा ने इस धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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