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आदर्श जीवन और बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे कैलाशपति

सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल कि रिपोर्ट 




पंडित कैलाशपति मिश्र आदर्श जीवन के धनी तो थे - विकास 

 भारतीय जनता पार्टी द्वारा खैरा प्रखंड के डहुआ गाँव मे भाजपा के संस्थापक व भीष्म पितामह कैलाशपति मिश्र जी के 98 वीं जन्म जयंती के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य व पूर्व जिला पार्षद विकास प्रसाद सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित होकर पुष्प अर्पित कर नमन किया । पूर्व जिला पार्षद श्री विकास ने कहा कि समझ नहीं पा रहा हूं कहां से शुरू करूं एक कर्मठ और कुशल संगठनकर्ता के रूप में या कार्यकर्ताओं को अपने हृदय में स्थान देकर अभिभावक के रूप वाले आत्मीय सम्बोधन से अथवा पुचकारने की तरकीब अपनाने वाले से , कैलाशपति मिश्र का यही है जीवन दर्शन । उनका यही बड़प्पन प्रत्येक कार्यकर्ताओं के हृदय में उनके बसने का कारण भी था । उनके ही संरक्षण और मार्गदर्शन में पहली राजनीति की सीढ़ी चढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । मेरे जैसे लाखों कार्यकर्ताओं को कैलाशपति मिश्र जी के आशीर्वाद की छांव मे निरंतर बैठ सीखने और प्रेरणा लेने का मौका मिलता रहा । कैलाश जी आम कार्यकर्ताओं के लिए सुलभ रूप से उपलब्ध मिलते थे तब मोबाइल का जमाना नहीं था । टेलीफोन की घंटी बजाकर समस्याओं का निदान कर देते थे । पंडित कैलाशपति मिश्र आदर्श जीवन के धनी तो थे ही सादा जीवन उच्च विचार की प्रतिमूर्ति भी थे । भारतीय जनसंघ के स्थापना काल से भारतीय जनता पार्टी तक संगठन के एक एक तार को जोड़कर पार्टी को कैसे मजबूती दी जाए इसके तमाम गुणों के भंडार थे कैलाशपति मिश्र । उनके एक नहीं अनेकों ऐसे संस्मरण हैं जिस पर प्रकाश डालूं तो पुस्तक का रूप ले लेगा ।युवा शक्ति की नब्ज टटोल उसे ऊंचे पायदान पर बढ़ाने को पारखी कैलाशपति मिश्र अनुशासन प्रिय व्यक्ति थे । जो भी उनके पास आया उनका होकर रह गया , कैलाश जी संगठन के शीर्ष पदों पर रहे ,‌ बिहार सरकार में वित्त विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री , राज्यसभा के सदस्य और गुजरात तथा राजस्थान के राज्यपाल भी रहे । लेकिन उन्होंने कभी भी चिंतक और विचारक की प्रवृत्ति का त्याग नहीं किया । एक खासियत उनकी थी उनका कवित्व दर्शन । उनकी कविताओं का संग्रह पठनीय और प्रेरणादायक है । प्रारंभिक जीवन के अपने आलेख में कैलाशपति जी ने सही लिखा है कि कर्म कठोर जीवन निष्ठा के साथ और संघ संस्कारों से प्रेरित चलता रहा तो कभी किसी कार्यकर्ता के मन में हीन भावना नहीं आएगी , विफलता की पीड़ा भी नहीं सताएगी लेकिन अपने अहंकार का त्याग तो करना ही पड़ेगा । ऐसे उदात्त और हृदयस्पर्शी विचार रखने वाले अपने अभिभावक , मार्गदर्शक और हृदय सम्राट कैलाशपति मिश्र जी की 98 वी जन्म तिथि पर उन्हें मेरा शत शत नमन । उक्त कार्यक्रम में इनके अलावे किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बालमुकुंद सिंह , उदय नारायण सिंह , नरेंद्र सिंह , कीड़ा मंच प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिवाकर राम , झुण्डों मुखिया व पैक्स अध्यक्ष मकेश्वर सिंह , बिरेन्द्र शर्मा , शिवजी सिंह , गौतम पाण्डेय , शिवदानी सिंह , रंजीत सिंह , अकल राम , प्रमोद चौधरी , सुबोध कुमार तथा संजय सिंह  सहित अन्य गणमान्य शामिल होकर महामानव के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपना अपना विचार रखे !

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