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नगला का बंगला बना भूत बंगला




किंजर (अरवल ) : " कल चमन था आज एक सेहरा हुआ देखते ही देखते मैं क्या हुआ" किसी शायर की यह पंक्तियां नगला के इस ऐतिहासिक बंगले पर सटीक बैठती है इस बंगला का मालिक सैयद शआदत हुसैन शाह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ ब्रिटेन के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में एक साथ बैरिस्टर की पढ़ाई करते थे दोनों एक ही हॉस्टल में रहते भी थे पढ़ाई पूरी करने के बाद शैयद हुसैन साहब भारत आए और पीसीएस की परीक्षा देकर डिप्टी कलेक्टर नियुक्त हुए उस वक्त भारतीय को जिलाधिकारी नहीं बनाया जाता था शाह साहब बंगाल के किसी जिले में नियुक्त थे उन्हीं के द्वारा वर्ष 1910 ई. में चाइना सिरामिक गाना चुना से इस भव्य बंगले का निर्माण हुआ था जानकार बाबू कामेश्वर सिंह पूर्व पुलिस अधिकारी उम्र लगभग 95 वर्षीय किंजर निवासी बताते हैं कि उस वक्त मात्र दो बंगला पूरे बिहार में इस तरह का निर्माण हुआ था एक नगला में दूसरा बक्सर के केसठ चौगाई गांव में मटेरियल और कारीगर बंगाल से ही आया था इसका सामान एक रेल इंजन एवं एक बोगी में जहानाबाद रेलवे स्टेशन तक का स्पेशल ट्रेन से लाया गया था इस बांग्ला में आजादी के समय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद सुभाष चंद्र बोस विनोबा भावे मौलाना अब्दुल कलाम साहब श्री कृष्ण श्री अनुग्रह नारायण सिंह आदि स्वतंत्रा सेनानी समय-समय पर आते थे इसी बंगले में स्वतंत्रता सेनानियों की गुप्त मीटिंग हुआ करती थी वर्ष 1990 तक यह बंगला काफी आवाद था इसके मालिक मोहम्मद इकबाल शाह पटना दरियापुर में रहकर शाह लौजिंग चलाते थे वे नगला में रहकर अपनी खेती भी करते थे लेकिन 90 के दशक के नक्सली आंदोलन का प्रभाव इस बंगला पर भी पड़ा इसके मालिक को लगभग 32 बीघा भूमि पर झंडा गाड़ कर खेती करने से प्रतिबंध लगा दिया बंगला के मालिक को भी गांव में ही अपमानित होना पड़ा था इन्हीं सब कारणों के चलते बंगला का देखरेख करने वाले इसके तीसरी पीढ़ी के मालिक मोहम्मद इकबाल शाह नगला छोड़कर पूरी तरह पटना में ही शिफ्ट कर गए यहां आना जाना भी छोड़ दिया इधर देखरेख के अभाव में यह ऐतिहासिक बंगला पूरी तरह बर्बाद हो गया इस बंगले मे लगा इमारती लकड़ी चौखट किवाड़ खिड़की भी लोग उठा ले गए बंगला के मालिक 32 बीघा खेत पर लगा प्रतिबंध नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनने के बाद तो हटा लिया गया खेती अब इस बंगले में मालिक के पूर्णत: नियंत्रण में है इस बंगला में ही पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज साहब के बेगम रुखसाना का जन्म हुआ था रुखसाना अपने वालिद साहब डॉक्टर इकबाल शाह के मात्र 2 वर्ष की अवस्था में ही देश के विभाजन के समय पाकिस्तान चली गई थी रुखसाना के पिता डॉ इकबाल साहब इंडोनेशिया में पाकिस्तान का राजदूत नियुक्त किए गए थे डॉक्टर इकबाल साहब के बड़े भाई डॉक्टर महमूद शाह थे जो पीएमसीएच में मेडिसिन विभाग के हेड से रिटायर किए थे डॉक्टर महमूद शाह जब तक स्वस्थ रहें वे सप्ताह में 1 दिन पटना से इस बंगले पर आकर मुफ्त में इलाके के रोगियों का इलाज करते थे साथ ही नगला किंजर का ऐतिहासिक खेल मैदान पुलिस थाना भवन नगला मस्जिद की भूमि इसी शाह परिवार की थी जिन्होंने स्वेच्छा से दान कर दिया कई गरीब परिवार वालों को अपने निजी भूमि पर बसाया आज उनका ऐतिहासिक बंगला का छत पूरी तरह उजड़ चुका है चाइना सेरामिक पत्थर और मौजाक का डिजाइन आज भी पिलरों में देखते बनती है जरूरत है इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाली भवन को संरक्षण की जिला प्रशासन को कम से कम एक बार अवलोकन तो इस बांग्ला को करना ही चाहिए साथ ही इसके संरक्षण का भी उपाय करना चाहिए।

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