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39 शिक्षकों समेत 500 अज्ञात पर किए गये मुकदमे को अविलंब वापस लें पदाधिकारी : संघ

पदाधिकारी शिक्षकों के सब्र का इम्तिहान न लें : कुशवाहा 




हाजीपुर (वैशाली) : प्रखंड विकास पदाधिकारी सह निर्वाचित पदाधिकारी गोरौल के द्वारा 39 शिक्षकों पर चुनाव में बाधा डालने एवं 500 अज्ञात शिक्षकों पर किए गए मुकदमे के खिलाफ शिक्षक संगठनों में जिला प्रशासन के प्रति उबाल आ गया है। आज महासंघ गोप गुट भवन हाजीपुर में संघर्ष समन्वय समिति की एक बैठक संपन्न हुई।बैठक में एक स्वर से प्रखंड विकास पदाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी गोरौल के एफ०आई०आर करने को अनुचित करार देते हुए जिला प्रशासन से मांग किया है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा दर्ज मुकदमे अविलंब वापस लिए जाएं अन्यथा शिक्षक संगठन आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे साथ ही संगठन के नेताओं ने साफ-साफ कहा कि  मुकदमा दर्ज करने के पहले शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा जाना चाहिए।बिना स्पष्टीकरण पूछे मुकदमा दर्ज करना सरासर पदाधिकारियों की मनमानी एवं तानाशाही को दर्शाता है।बैठक की अध्यक्षता करते हुए सह संयोजक सह परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के वरीय जिला सचिव नवनीत कुमार ने कहा कि शिक्षकों को झूठे आरोपों में फंसा कर उसे परेशान और बदनाम किया जा रहा है।जबकि शिक्षकों ने पूरे जिम्मेदारी के साथ शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से चुनाव को संपन्न कराया है।दूसरी तरफ शिक्षकों के साथ पदाधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया एवं जबरदस्ती मोबाइल छीना गया एवं जानबूझकर अग्रिम भुगतान में एक साजिश के तहत देर रात किया गया।शिक्षकों के साथ हुए दुर्व्यवहार एवं अपमानित करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी गोरौल और अनुमंडल पदाधिकारी महुआ के अलावा अन्य पदाधिकारी पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।संघर्ष समन्वय समिति के प्रवक्ता प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला सचिव पंकज कुशवाहा ने कहा कि  गोरौल प्रखंड में जो घटना घटी है उसके जिम्मेवार शिक्षक नहीं बल्कि पदाधिकारी हैं।सातवें चरण में दो प्रखंडों का चुनाव हुआ जिसमें एक गोरौल और दूसरा भगवानपुर है। जिला प्रशासन बताएं की भगवानपुर प्रखंड में पीठासीन पदाधिकारी को एक जगह 2250 रुपया और गोरौल प्रखंड में 1750 रुपया किस कारण से दिया गया।स्वभाविक है जिला प्रशासन की यह नीति ही शिक्षकों के विरोध का कारण बना।उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी गोरौल द्वारा मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो जिला के सभी मतदान पदाधिकारियों के भुगतान की जांच के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से मांग किया जाएगा।उन्होंने कहा पदाधिकारी शिक्षकों के सब्र का इम्तिहान न ले।आज की बैठक में प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष उत्पल कांत,जितेंद्र राम,धर्मेंद्र कुमार,सुभाष बैठा,उमेश प्रसाद,रविंद्र कुमार,दिनेश पासवान,राजू रंजन चौधरी,रंजीत कुमार झा,हेमंत कुमार के अलावा दर्जनों शिक्षक उपस्थित हुए ।

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