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DAP के स्थान पर SSP एवं यूरिया का उपयोग करे:जिला कृषि पदाधिकारी


अरवल जिला ब्यूरो वीरेंद्र चंद्रवंशी की रिपोर्ट

अरवल:जिले के किसानों को सरसों की बिजाई के लिए डीएपी (DAP) की बजाए SSP का प्रयोग कम लागत पर अधिक उत्पादन देने में कारगर साबित हुआ है. डीएपी की तुलना में एसएसपी न केवल सस्ता है बल्कि इससे पैदा होने वाले सरसों की क्वालिटी अच्छी होने की वजह से उसका मंडी में भाव भी अधिक है. 

     जिले के कृषि पदाधिकारी  द्वारा कहा गया है ऐसा देखा जा रहा है कि कृषकों के द्वारा DAP उर्वरक का ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। जबकि DAP के स्थान पर SSP एवं यूरिया का उपयोग भी किया जा सकता है। यह DAP से सस्ता भी है। DAP में जो फॉस्फेट होता है उससे पौधों को केवल फॉस्फोरिक Acid ही प्राप्त होता है। जबकि SSP से पौधों को फॉस्फोरिक ACID के साथ सल्फर एवं Calcium भी प्राप्त होता है जो तेलहनी एवं रबी फसलों के लिए काफी उपयुक्त है। अतः कृषक बंधुओं से अनुरोध है कि DAP के विकल्प के रूप में SSP का प्रयोग किया जाय। यह सस्ता भी है। उर्वरक को लेकर किसी भी तरह की घबराने की आवश्यकता नही है। जिले में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जायेगा।

डी.ए.पी.(DAP) तथा एस.एस.पी. (SSP) खाद में कौन बेहतर हैं

DAP फ़सलों के लिए नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस और पोटेशियम जैसे महत्त्वपूर्ण पोशक तत्त्व ही प्रदान नहीं करता, बल्कि धरती को उर्वर बनाने के उनके प्रयास का एकमात्र और अपरिहार्य उत्तर है।

डी.ए.पी. (DAP) का पूरा नाम डाइअमोनियम फॉस्फेट है | नाईट्रोजन की मात्रा – 18% फास्फोरस की मात्रा – 46 % सल्फर की मात्रा – 0% कैल्शियम की मात्रा – 0%

यह सख्त दानेदार, भूरा काला बादामी रंगों से युक्त तथा नाखूनों से आसानी से न टूटने वाला उर्वरक है। यह चूर्ण के रूप में भी उपलब्ध होता है। इस दानेदार उर्वरक की मिलावट बहुधा डी.ए.पी. व एन.पी.के. मिक्चर उर्वरकों के साथ की जाने की सम्भावना बनी रहती है। SSP का पूरा नाम सिंगल सुपर फास्फेट है | इसमें नाईट्रोजन की मात्रा – 0% फास्फोरस – 16% सल्फर की मात्रा – 11% कैल्शियम – 19% तथा जिंक – 1%

SSP और खाद से कम घुलनशील है, इसका प्रयोग हमेश जुताई के समय कराना चाहिए | क्योंकी यह कम घुलनशील रहने के कारण मिटटी में घुलने में ज्यादा समय लेता है | जिसके कारण पौधों को अंकुरण के बाद फायदा होता है | अगर किसान ssp को जुताई के समय उपयोग नहीं किया है तो फिर फूल से फल लगने के समय करें | क्योंकि फूल से फल लगने में लगभग 15 से 20 दिन लगता है | एस्त्ने दिनों में सिंगल सुपर फास्फेट मिटटी में घुल जाता है |

DAP खाद SSP खाद के अपेक्षा जल्दी घुलनशील है | जिसके कारण इस खाद को बुआई से पहले नहीं करें क्योंकी खाद तो घुलकर मिट्टी में मिल जायेगी लेकिन पौधों को फायदा नहीं होगा | Dap का प्रयोग फसल में निदाई तथा सब्जी में मिट्टी चढाते समय करें |

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