Breaking News

सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में लोकपाल की जांच के बाद पकड़ा गया भ्रष्टाचार


यूपी हापुड़ से वीशू अग्रवाल की रिपोर्ट

 सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में लोकपाल की जांच के बाद भ्रष्टाचार पकडा गया है। शासन द्वारा नियुक्त लोकपाल अंशुल त्यागी भारी अनियमितताएं मिलने पर धौलाना ब्लॉक के सचिव व जेई के साथ ग्राम प्रधान में बंदरबाट रकम की वसूली करने की संस्तुति जिलाधिकारी अनुज सिंह से की है। दो वर्ष पूर्व मण्डल स्तर पर तैनात लोकपाल अंशु त्यागी ने जानकारी पर बताया कि उन्होने आरोपितो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा जेल भेजने के निर्देश भी दिये है। अग्रिम कार्यवाही जिलाधिकारी करेंगें। अपर जिलाधिकारी श्रद्धा शांडियाल ने बताया कि गांव सौलाना निवासी रामअवतार सिंह ने जून 2021 में लोकपाल को ब्लॉक के सीएचसी , कच्ची सडक, तालाब सौन्दर्यकरण व प्राथमिक विद्यालयेा में हुए कार्यो में सरकारी धन के दुरूपयोग की शिकायत की थी । लोकपाल ने जनपद में शिकायतें सुनने के बाद गांव गांव जाकर निरीक्षण कर सच्चाई जानी। जिसमें 4 बिन्दुओं पर आरोप सही पाये गये है। 

जिसमें गांव के रजवाहे पर शमशान घाट तक 800 मीटर की चकरोड पर महज 100 मीटर ही कार्य हुआ है। तालाब का जीर्णाद्वार कार्य, सीएचसी से राजवीर फौजी के खेत तक डाली गयी मिट्टी में अनियमितताएं मिली है। इसके अलावा बाबूराम के नाम पर पशु रोड दिखाकर धनराशि निकाली गयी। लेाकपाल के मुताबिक सभी मदो में 232539 रूपये की अनियमितताएं मिली है। उक्त रकम को प्रधान ने अधिकारियो के साथ मिलकर गोलमाल किया है। जांच के बाद लोकपाल ने पूर्व प्रधान व तत्कालीन सचिव व जेई से धनराशि वसूली व एफआईआर दर्ज करा जेल भिजवाने का निर्णय दिया है। लोकपाल अन्य शिकायतों की जांच कर शीध्र अपना आदेश भी जारी करेंगी।

कोई टिप्पणी नहीं

Type you comments here!