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भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर में वार्षिक पुजोत्सव की तैयारी जोरों पर


सोनो जमुई संवाददाता चंद्रदेव बरनवाल की रिपोर्ट

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सोनो प्रखंड अंतर्गत महेश्वरी गांव स्थित सुप्रसिद्ध भगवान लक्ष्मीनारायण की पुजा को लेकर मंदिर की साज सज्जा का कार्य जोरों पर है । कार्तिक मास की पूर्णिमा को आयोजित इस वार्षिक पुजोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है । जिसमे सभी गरीब , अमीर एवं मंत्री और विधायक तक बाबा लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंचकर अपना सीस झुकाकर मिन्नतें मांगते हैं । मंदिर के मुख्य पुजारी मुकैश कुमार शास्त्री ने बताया कि महेश्वरी गांव स्थित बाबा लक्ष्मीनारायण का मंदिर लोगों के लिए आस्था का एक अनुठा केंद्र हैं।

 गांव से उत्तर दिशा की ओर बहने वाली योगिया नदी , पुरब दिशा की ओर बहने वाली कलौथर नदी एवं पश्चिम दिशा की ओर बहने वाली गोरिया नदी की धाराएं महेश्वरी गांव में त्रिवेणी का अहसास कराती है । मान्यताओं के मुताबिक उन्होंने बताया कि 16 विं शताब्दी में एक महात्मा महेश्वरी गांव आये थे , जिन्होंने ग्रामीणों की श्रद्धा से प्रसन्न होकर वे महेश्वरी गांव में ही ठहर गये थे । वे महात्मा प्रतिदिन क्लोथर नदी की संगम तट पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने जाते थे , स्नान और ध्यान के बाद वे अपनी जटाओं से  भगवान शालीग्राम की मुर्ति को निकालकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ नदी में प्रवाहित जल में मुर्ति को स्नान कराते थे । तभी एक दिन महात्मा के द्वारा किए जा रहे यह दैनिक कार्यों को उनके दो शिष्य महेश्वरी गांव निवासी राम सिंह एवं राम पॉडेय ने देख लिया । 

शिष्यों ने जब महात्मा से इसका कारण पूछा तो महात्मा ने बड़े ही प्रसन्न होकर उत्तर देते हुए कहा कि यह भगवान लक्ष्मीनारायण की मुर्ति है जिसे में अब तुम्हें सोंपता हुं । उन्होंने भगवान लक्ष्मीनारायण की मुर्ति का स्थापना ओर पुजन विधियों को बताकर महात्मा अदृश्य हो गए । तब से लेकर आज तक भगवान लक्ष्मीनारायण की विधिवत पूजा अर्चना राम पॉडेय के पुर्वजों द्वारा होती आ रही है । उन्होंने समस्त बिहार वासियों से अपिल करते हुए कहा कि आगामी 19 नवंबर शुक्रवार को आयोजित होने वाली इस वार्षिक पुजोत्सव में पहुंचे और भगवान लक्ष्मीनारायण का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करें ।

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